रावण के अत्याचार के कारण भगवान राम का जन्म हुआ – प.घनश्याम दुबे

कटघोरा( सत्यम जायसवाल ,) नगर पालिका परिषद कटघोरा के वार्ड क्रमांक एक छीरा भाटा में छगविम हनुमान मंदिर प्रांगण में माघ कृष्ण पक्ष द्वितीय
5 जनवरी 2026 से अखंड नवधा रामायण प्रारंभ है।माघ कृष्ण पक्ष द्वितीय 14 जनवरी 2026 को कथा विश्राम, चढ़ोत्तरी एवं 15 जनवरी 5026
माघ कृष्ण पक्ष एकादशी हवन,पूजन सहस्त्रधारा,भंडारा का आयोजन किया गया है।
अखंड नवधा रामायण में प्रतिदिन अन्य जिलों से भी रामायण गायन प्रेमी एवं कथा प्रवचन करने के लिए पहुंच रहे है।
10 जनवरी को रथ राम साहू, हरिहर दास बांझी बन से, संतोष पोर्टे,कु संजना यादव डेलवाडीह,महिपाल दास,रिम झीम महिला मंडल,अशोक विश्वकर्मा,कु. कृतिका जायसवाल,पारस मणि लक्ष्मीदास, अभिनय,संतोष साहू, कृष्णा,पवन दास,घनश्याम दुबे ,प्रेम दुबे संगीत के साथ कथा प्रवचन किया गया। प्रतिदिन 25से 30 टोली उपस्थित हो रहे है।
10 जनवरी को अखंड नवधा रामायण का पांचवां दिन की कथा सुनाते हुए प. *घनश्याम* *दुबे ने कहा* कि रावण का अत्याचार बहुत बढ़ गया था प्रजा बहुत दुखी हो गए थे।सभी प्रजा भगवान से प्रार्थना कर रहे थे कि रावण राज समाप्त जो जाए।

रावण का अत्याचार में सीताहरण,ऋषि मुनियों को तंग करना, रंभा एवं अन्य महिलाओं का बलात्कार, कुबेर का अपमान एवं विमान छीन लेना सभी लोगों का श्राफ रावण को लग गया। रावण राज को समाप्त करने के लिए राजा दशरथ के घर में राम भगवान का जन्म हुआ।
एक से बढ़कर एक गायिका कथा प्रवचन एवं भजन कीर्तन के लिए उपस्थित हो रहे है । इससे सुनने के लिए काफी दूर दराज से आ रहे है। बाहर से आने वाले रामायण मंडलियों के लिए रहने एवं भोजन की व्यवस्था निशुल्क किया गया है।
10 जनवरी को रात्रि को मंच में उपस्थित थानेदार *धरम नारायण तिवारी ने* प्रतिनिधि से चर्चा के दौरान कहा कि सौभाग्य की बात है कि हम अखंड नवधा के स्थान में पहुंच गए।हमारा जीवन धन्य हो गया। जिस स्थान पर रामायण पाठ होता है वहां पर साक्षात हनुमान जी उपस्थित रहते है।समझो कि हम हनुमान जी का दर्शन कर लिए।
साथ में राजेंद्र सिंह एस आई भी उपस्थित रहे। समिति कृष्ण दास, संतोष साहू,नर्मदा देवांगन,सुनील जत्रा, वार्ड क्रमांक एक पार्षद रामेश्वरी जत्रा,पवन दास,चरण जत्रा एवं अन्य सदस्य जो प्रतिदिन बाहर से आने वालों के लिए आवास,भोजन, एवं मंचीय व्यवस्था में लगे हुए है। समिति के सदस्यों ने कहा भी रामायण मंडली में कोई भी कही से भी कितने भी सदस्य आ जावे सभी के लिए भोजन आवास की व्यवस्था की जावेगी।




