आर. ई .एस. के एक कर्मचारी द्वारा सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा शिकायत के बाद कार्यवाही नहीं

कटघोरा ( शिवशंकर जायसवाल द्वारा )नगर में आए दिन सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा किया जा रहा है , वो तो साधारण बात है , परंतु हद तो तब हो जाती है जब एक सरकारी कर्मचारि द्वारा पटवारी कार्यालय के पीछे खुलेआम स्कूल की जमीन के सामने कब्जा कर दीवाल खड़ा कर दिया है । 16/4/25 को स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती मुक्ता जायसवाल द्वारा लिखित शिकायत के आधार पर तहसीलदार प्रियंका चंद्रा ने 16/05/2025 को आर ई एस के एक कर्मचारी को लिखित नोटिस दिया की तत्काल कब्जा हटवाया जाए। नोटिस दिए 15 दिन से अधिक हो गए बेजा कब्जा नहीं हटवा सकी।

बेजा कब्जा धारी के ऊपर नोटिस का कोई असर नहीं हुआ।जबकि वहां पर कई लोग कब्जा किए हुए है । लिथियम खदान खुलने की भनक कब्जा धारियों को पता लगा होगा, इसलिए लोग कब्जा कर जमीन कब्जा कर रख रहे है भले ही किसी के जमीन के सामने की जमीन अवरुद्ध हो जाए। कुछ दिन बाद तहसीलदार प्रियंका चंद्रा
बोली को बुलडोजर भेज कर कब्जा तोड़वा दूंगी। लगता है तहसीदार भी डर गई। आज तारीख तक नहीं हटवा सकी।
Sdm साहब को भी 22/4/25 को लिखित शिकायत किया गया।
राजस्व विभाग के एक उच्च अधिकारी ने कहा कि सरकारी क्वाटर के जमीन को सुरक्षित किया है। भले ही किसी स्कूल के जमीन के सामने कब्जा किया हो इससे अधिकारी को क्या फर्क पड़ेगा। यदि स्कूल की जमीन में भवन बनकर तैयार होगा तो स्कूल के बच्चे तालाब की ओर से आना जाना करेंगे। तभी अधिकारी को अच्छा लगेगा।

पटवारी कार्यालय के पीछे कई लोग झोपडी बनाकर रह रहे है।
एस डीएम बंगला से 50 कदम की दूरी, तहसील ऑफिस से 100कदम की दूरी पटवारी कार्यालय से 10 कदम की दूरी पर सब खेल हो रहा है। राजस्व अधिकारी बेजा कब्जा क्यों नहीं तोड़ते इनके पीछे क्या कारण है।
एक निजी स्कूल की जमीन है ।उनके जस्ट सामने आर ई एस के एक कर्मचारी एस डी ओ क्वार्टर में निवास कर रहा है।जबकि आर ई एस एस डी ओ किराया पर रह रहा है। अपने अधीनस्थ कर्मचारी को कुछ भी नहीं बोल पाया क्योंकि लगता है वो अधिकारी भी लेन देन
किए होंगे।
नगर में बहुत ही कब्जा हो रहा है। मेन रोड,तहसील भाटा,एफ सी आई गोदाम,मोह लाइन भाटा, चक चकवा पहाड़ी एवं अन्य स्थान में भी धड़ल्ले से हो रहा है।

पटवारी,तहसीलदार एवं इस डी एम भी चुप चाप बैठे हुए कब्जा धारियों को तमाशा देख रहे है।




