17 सूत्रीय मांग को लेकर बीएमएस करेगा चरणबद्ध आंदोलन
11 वां वेतन समझौता को पूर्णत: क्रियान्वयन करने की मांग
17 सूत्रीय मांग को लेकर बीएमएस करेगा चरणबद्ध आंदोलन
11 वां वेतन समझौता को पूर्णत: क्रियान्वयन करने की मांग
कोरबा : भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (एबीकेएमएस) सभी कंपनी में सुपर स्पेशिलिटी खोलने समेत कोयला कामगारों की 17 सूत्रीय मांगो को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इसके बाद भी मांग पूर्ण न होने पर उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
संघ द्वारा आंदोलन के पहले चरण में एक से 10 सितंबर तक प्रत्येक इकाई स्तर पर श्रमिक जागरण के गेट मीटिंग (द्वार सभा) की जाएगी। द्वितीय चरण में 26 सितंबर को सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन तथा तृतीय चरण में 30 सितंबर को सभी कंपनी मुख्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष टिकेश्वर सिंह राठौर व संघ के महामंत्री अशोक सूर्यवंशी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में मांगे सभी अनुषांगिक कंपनी में एक जैसा सदस्यता सत्यापन- चेक आफ़ सिस्टम पद्धति सुनिश्चित किया जाए। इसी तरह 11 वां वेतन समझौता में मंजूर मांगों का संपूर्ण क्रियान्वयन किया जाए। सभी अनुषांगिक कंपनी में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण करनेके साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती व पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कैडर स्कीम में सुधार कर कंपनी मे पुराने पद नाम जैसे (जनरल मजदूर, माइनिंग सरदार, ओवरमैन, डेटा एन्ट्री ऑपरेटर) आदि में बदलाव किया जाए। कोल उद्योग में कार्यरत महिला सशक्तिकरण हेतु सभी अनुषांगिक कंपनी में कमेटी का गठन किया जाए। भूमि अधिग्रहण के मुआवजा में बढ़ोत्तरी कर भू-आश्रित को पदस्थ करने में हो रही गड़बड़ी में सुधार किया जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों का पेंशन रिवाईज किया जाए और बकाया एरिअर्स का भुगतान शीघ्र करने, ठेका मजदूरों की आठ घंटा ड्यूटी बायो मेट्रिक हाजरी, वेतन, भत्ते, सुरक्षा, कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, बोनस- पीएलआर, एचपीसी वेजेस आदी का क्रियान्वयन किया जाए। कोल उद्योग में कार्यरत मजदूरों को दुर्घटना होने पर सिंगरेनी कंपनी के तर्ज पर स्थाई मजदूरों को 1 करोड़ 15 लाख एवं ठेका मजदूरों को 40 लाख का एक्सीडेंट इंश्यूरेंस लागू किया जाए। सीएमपीएफ में हुई निवेश धांधली की सीबीआई जांच कराकर दोषियों को दंडित कर नुकसान राशि की वसूली की जाए। प्रबंधन द्वारा बीएमएस- एबीकेएमएस के साथ विशेषकर अपनाई जा रही पक्षपात नीति पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। ईपीएफ के तर्ज पर कम से कम 15000 रुपये पर वित्त मंत्रालय द्वारा 1.16 का अंशदान पेंशन स्कीम में जमा किया जाए। न्यूनतम पेंशन एक हजाररुपए तुरंत एरियर्स समेत भुगतान करने की मांग रखी गई है।

