कोरबा

तीन इकाइयों के बंद रहने से 700 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित

220 केवी सबस्टेशन में आई खराबी 0 एचटीपीपी की 210 मेगावाट की एक व डीएसपीएम की 250-250 इकाई ट्रिप

तीन इकाइयों के बंद रहने से 700 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित

0 220 केवी सबस्टेशन में आई खराबी
0 एचटीपीपी की 210 मेगावाट की एक व डीएसपीएम की 250-250 इकाई ट्रिप

0 शहर में बिजली आपूर्ति हुई बंद, गर्मी में लोग हुए हलकान

कोरबा : हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम (एचटीपीपी) के 220 केवी सबस्टेशन में इंसुलेटर टूट कर कंडक्टर तार में जा लगा। इससे शार्ट होने पर संयंत्र की 210 मेगावाट क एक इकाई व डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएसपीएम) की 250-250 मेगावाट दोनों इकाई ट्रिप होकर बंद हो गई। इससे पूरे शहर में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद डीएसपीएम को किसी तरह चालू किया गया, तब शहर में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।

एचटीपीपी संयंत्र से उत्पादित बिजली को परिसर में ही स्थित 220 केवी सबस्टेशन के माध्यम से अन्य स्थल में भेजा जाता है। इस सबस्टेशन से कोरबा पूर्व स्थित डीएसपीएम संयंत्र भी ज़ुड़ा हुआ है। सोमवार को दोपहर सबस्टेशन में लगा इंसुलेटर अचानक टूट गया और सीधे कंडरक्टर तार में जा लगा। इससे 220 केवी लाइन में शार्ट सर्किट हुआ और इसका असर एचटीपीपी संयंत्र की 210 मेगावाट की एक नंबर इकाई पर पड़ा। घटना से संयंत्र की इकाई बंद हो गई। इससे लोड बढ़ने से सबस्टेशन जुडे डीएसपीएम संयंत्र की दोनों इकाइयों को झटका लगा और दोनों इकाइ ट्रिप होकर बंद हो गई। डीएसपीएम के बंद होते हुए शहर के सबस्टेशन में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। इससे पूरे शहर में बिजली बंद हो गई। भीषण गर्मी में दोपहर में बिजली बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर घटना की जानकारी मिलते ही दोनों संयंत्र में अधिकारी व तकनीकी कर्मी स्थल पर पहुंचे और सुधार कार्य आरंभ किए। डीएसपीएम संयंत्र में लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद एक के बाद एक करते हुए दोनों इकाई को परिचालन में लिया गया। शाम को दोनों इकाई से 500 के स्थान 425 मेगावाट बिजली उत्पादित हो रहा था। वहीं शहर में धीरे- धीरे बिजली आपूर्ति बहाल की गई, तब लोगों ने राहत की सांस ली। यहां बताना होगा कि एक दिन पहले ही विद्युत उत्पादन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार दोनों संयंत्र का निरीक्षण कर वापस लौटे थे और संयंत्र में यह घटना हो गई। हालांकि स्थानीय तकनीकी अधिकारी- कर्मचारियों ने स्थिति संभालते हुए संयंत्र चालू किया। बताया जा रहा है कि घटना से राज्य में 900 मेगावाट बिजली की कमी हो गई थी, पर जल्द सुधार किए जाने से विषम परिस्थिति निपटा जा सका।

रखरखाव, 22 दिन के लिए बंद है एचटीपीपी की दो नंबर इकाई
एचटीपीपी संयंत्र की 210 मेगावाट क्षमता की दो नंबर इकाई का वर्तमान में वार्षिक रखरखाव किया जा रहा है। इसकी वजह से इकाई को प्रबंधन द्वारा 22 दिन के लिए बंद रखा गया है। सोमवार की आइ तकनीकी खराबी की वजह से एक नंबर इकाई बंद होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। 1340 मेगावाट के इस संयंत्र से मात्र 711 मेगावाट बिजली उत्पादित हो रहा है। 210 मेगावाट की तीन व चार नंबर इकाई से क्रमश: 121 व 156 तथा 500 मेगावाट की इकाई से 459 मेगावाट बिजली उत्पन्न हो रही है।

इंसुलेटर टूटने से बंद हुई इकाई: शर्मा

एचटीपीपी के कार्यपालक निदेशक संजय शर्मा ने बताया कि 220 केवी सबस्टेशन में लगा इंसुलेटर टूट कर कंडक्टर तार से जा सका। इससे झटका लगने पर एक नंबर इकाई बंद हो गई। इकाई को देर रात तक चालू कर लिया जाएगा। इसके साथ ही डीएसपीएम की भी इकाई बंद हुई थी। एचटीपीपी की दो नंबर इकाई का वार्षिक रखरखाव करने से बंद रखा गया है। सबस्टेशन में सुधार कार्य किया जा रहा है।

5200 मेगावाट से ऊपर पहुंची मांग

गर्मी बढ़ने के साथ ही राज्य में बिजली की मांग 5200 मेगावाट से ऊपर पहुंच गई। राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्र एवं आइपीपी व सीपीपी से बिजली लेकर कुल उपलब्धता 2017 मेगावाट रही। जबकि सेंट्रल सेक्टर से अनुबंधित 3188 मेगावाट बिजली ली। इस तरह कुल उपलब्धता 5076 मेगावाट के करीब रही। लगभग 125 मेगावाट बिजली कम होने की वजह से कई स्थानों पर अघोषित रूप से कटौती भी की गई।
लोड बढ़ने से उपकरण होने लगे खराब

गर्मी में बिजली की मांग बढ़ गई है। वहीं ज्यादा गर्मी पड़ने का असर ट्रांसफार्मर समेत संयंत्र के अन्य उपकरण भी गर्म हो रहे है। इससे ट्रांसफार्मर व अन्य उपकरणों में बिजली का लोड भी बढ़ने लगा है। इससे खराबी आने लगी है। जानकारों का कहना है कि 220 केवी क्षमता के सबस्टेशन में लगा इंसुलेटर भी तेज गर्मी की वजह से टूट गया और छिटक कर कंडक्टर तार में जा लगा। इससे घटना हुई। हालांकि इस बार ज्यादा असर नहीं हुआ और सबस्टेशन से जुड़े अन्य जिले में बिजली आपूर्ति नहीं हुई। केवल शहर में ही बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। अन्य क्षेत्र में दूसरी लाइन से बिजली आपूर्ति करने पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो सकी।

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