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अधसकीय विद्यालयों के शिक्षकों ने किया विशाल प्रदर्शन 

समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग

कोरबा ( सत्यम जायसवाल ) 25 जून 2026 जिले के 100 से अधिक अशासकीय विद्यालयों के लगभग 500 से अधिक शिक्षकों एवं विद्यालय संचालकों ने गुरुवार को आईटीआई चौक से कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रैली निकालकर शासन की पुस्तक वितरण व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन इस वर्ष 25 जून तक भी जिले के अधिकांश विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।

बिना पुस्तकों के पढ़ाई शुरू कराना संभव नहीं

 

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि जब विद्यार्थियों के पास पुस्तकें ही उपलब्ध नहीं हैं, तब गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य प्रारंभ कराना अत्यंत कठिन हो जाता है। उनका कहना था कि जुलाई माह में ही विद्यालय नियमित रूप से संचालित हो पाते हैं, जबकि अगस्त से लगातार विभिन्न त्योहारों एवं अवकाशों के कारण पढ़ाई कम हो जाते हैं। ऐसे में समय पर पुस्तकें नहीं मिलने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शिक्षकों ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधियों को पुस्तकों की व्यवस्था के लिए बिलासपुर तक जाना पड़ा था। इसके बावजूद इस वर्ष भी समय पर पुस्तक वितरण नहीं होना चिंता का विषय है।

शासन द्वारा जब सरकारी एवं निजी स्कूल के लिए बराबर मापदंड है तो पुस्तक को भी एक साथ वितरण करनी चाहिए। जबकि नहीं किया जा रहा है।निजी स्कूलों को अनदेखा किया जा रहा है। निजी स्कूल के संचालकों का कहना है कि यदि सरकार की दोहरी मापदंड रही तो निजी स्कूल वाले पूरा छत्तीसगढ़ स्तर पर कभी भी जन आंदोलन कर सकते हैं ।इसकी समस्त जवाबदारी शासन की होगी।

अक्षय दुबे – जिला अध्यक्ष – अशासकीय विद्यालय संघ कोरबा प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि स्कूल 16 जून से खुल जाती है अभी तक 25 जून के बाद भी पुस्तक वितरण नहीं किया गया जब पुस्तक समय में वितरण नहीं होगा तो बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी, अगस्त माह में अधिक तीज त्यौहार होने कारण पढ़ाई नहीं हो पाता ।कलेक्टर महोदय ने ज्ञापन देते समय आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री से बात कर पाठ्य पुस्तक विभाग से जिला स्तर पर समय पर बुक वितरण करवाएंगे।

क्यूआर कोड स्कैनिंग प्रक्रिया पर भी जताई नाराज़गी

प्रदर्शनकारियों ने पुस्तक वितरण से जुड़ी क्यूआर कोड स्कैनिंग प्रक्रिया को भी समय लेने वाली बताया। उनका कहना था कि प्रत्येक पुस्तक का क्यूआर कोड स्कैन करने में काफी समय लगता है, जिससे वितरण प्रक्रिया और अधिक विलंबित हो जाती है। उन्होंने शासन से इस व्यवस्था को सरल एवं व्यावहारिक बनाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रशासन द्वारा केवल 10 प्रतिनिधियों को कार्यालय के भीतर प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से शासन के नाम ज्ञापन सौंपते हुए समय पर पुस्तक उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान गूंजे जोशीले नारे

रैली के दौरान शिक्षक एवं विद्यालय संचालक शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते रहे। प्रमुख नारों में—

– भारत माता की जय

– प्राइवेट स्कूल ज़िंदाबाद

– हम टीचर हैं इसलिए शांत हैं, वरना हम रजनीकांत हैं

जैसे नारे पूरे मार्ग में गूंजते रहे।

संगठन के पदाधिकारी

प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के निम्न पदाधिकारियों द्वारा किया गया

– अध्यक्ष: अक्षय कुमार दुबे

– प्रदेश उपाध्यक्ष: अजय कुमार दुबे

– राज्य प्रभारी: गणेश जायसवाल,

– सहसचिव: राकेश मिश्रा,

– कोषाध्यक्ष: धरमलाल तिवारी

– सदस्य: संगठन से जुड़े कोरबा जिले के सभी निजी विद्यालय

– एस आर अमित सिंह संघगठन प्रमुख दीपका

– भौनेंद्र डहरवाल दीपका

– रेणु तिवारी दीपका

– सत्यम जायसवाल — पाली

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय पर पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो भविष्य में भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।

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