Uncategorized

कुकुरमुत्तों की तरह उग रहे प्राइवेट बैंक, झुग्गी-झोपड़ी वासियों को बना रहे शिकार-राजेश यादव

कटघोरा (शिवशंकर जायसवाल ) क्षेत्र में अवैध प्राइवेट बैंकों का आतंक कटघोरा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के भाजपा प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने कटघोरा क्षेत्र में कुकुर मुत्ते की तरह उग रहे प्राइवेट बैंको को बंद करते हुए कार्यवाही की माँग की है।

तहसील मुख्यालय कटघोरा को केंद्र बिंदु बनाकर पाली, कोरबी चोटिया ,पसान, तुमान, सिंघिया, पोड़ी उपरोड़ा, ढेलवाडीह, दीपका, चैतमा ,रंजना, जवाली, छुरी आदि क्षेत्रो में इन दिनों कुकुरमुत्तों की तरह जगह-जगह छोटी-छोटी प्राइवेट बैंक/फाइनेंस कंपनियां उग आई हैं, जो ग्रामीणों को ऊंचे ब्याज दर पर लोन देकर खुलेआम उनका शोषण कर रही हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि गरीब और मजदूर वर्ग झुग्गी झोपड़ीवासियों को कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। कर्ज से उभरने का रास्ता भी दिखाई नहीं दे रहा है। ब्याज दर कम बताना,प्रोसेसिंग चार्ज लेना,बीमा करना,स्टाम्प का पैसा लेना एक किस्त एडवांस जमा करवाना जिसको अंतिम किस्त में नहीं काटते है। मतलब कोई व्यक्ति 10 हजार लोन लेगा उनको 11से12 प्रतिशत बताते है और वसूली के समय 20 से 24 प्रतिशत वसूलते है।

 

इस मुद्दे पर झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश सहसंयोजक राजेश यादव ने कड़ा विरोध जताते हुए शासन-प्रशासन से ऐसे अवैध बैंकों को तत्काल बंद करने की मांग की है।

 

उन्होंने कहा कि ये कंपनियां जरूरतमंद ग्रामीणों को आसान लोन का लालच देकर ऊंचे ब्याज में फंसा देती हैं और फिर 7-7 दिनों या 15-15 दिन में किस्त वसूली के लिए दबाव और धमकी का सहारा लेते हैं।

 

इनके एजेंट घर-घर और गली-गली जाकर वसूली करते हैं, और जो लोग समय पर पैसा नहीं दे पाते, उनके साथ बदसलूकी और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है।घर के अंदर बैठ जाते है।

 

सबसे ज्यादा शिकार झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब लोग हो रहे हैं,

 

 

अवैध रूप से संचालित इन प्राइवेट बैंकों/फाइनेंस कंपनियों पर तत्काल सख्त कार्रवाई कर इन्हें बंद किया जाए, ताकि गरीब और ग्रामीण वर्ग झुग्गी झोपड़ीवासियों को इस शोषण से बचाया जा सके।

Related Articles

Back to top button