कोरबाछत्तीसगढ़

एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र में 70 केएल वाटर टैंकर का शुभारंभ, धूल नियंत्रण एवं पर्यावरणीय प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

 

*एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र में 70 केएल वाटर टैंकर का शुभारंभ, धूल नियंत्रण एवं पर्यावरणीय प्रबंधन को मिलेगी मजबूती*

कोरबा। एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र में सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल एवं आधुनिक खनन संचालन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 70 किलोलीटर क्षमता वाले वाटर टैंकर का शुभारंभ किया गया। इस अत्याधुनिक वाटर टैंकर के संचालन से खदान क्षेत्र में धूल नियंत्रण (Dust Suppression), हॉल रोड पर नियमित जल छिड़काव तथा बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

‘मेक इन इंडिया’ पहल के अनुरूप देश में निर्मित इस 70 केएल क्षमता वाले वाटर टैंकर की उच्च क्षमता बड़े खनन क्षेत्रों में प्रभावी जल छिड़काव सुनिश्चित करेगी, जिससे धूल उत्सर्जन में कमी आएगी तथा सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मशीन गेवरा क्षेत्र की पर्यावरणीय प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।

इस अवसर पर एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा, “आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ मानव संसाधन के कौशल विकास पर समान रूप से बल देना एसईसीएल की प्राथमिकता है। ऐसी पहलें सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल, समावेशी एवं सतत खनन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती हैं।”

वाटर टैंकर के शुभारंभ अवसर पर श्री दीपक रस्तोगी, महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (एक्सकेवेशन), श्री शिव कुमार, महाप्रबंधक (एक्सकेवेशन), श्री सुजीत झा, पी.ई. (एक्सकेवेशन), श्री एस.सी. त्रिपाठी, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी सहित गेवरा क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

*प्रोजेक्ट धराशक्ति के तहत महिलाएं ले रही हैं HEMM ऑपरेटर प्रशिक्षण*

इसके साथ ही, कोयला उद्योग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने एवं उन्हें भारी खनन मशीनों के संचालन में प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से संचालित एसईसीएल की पहल ‘प्रोजेक्ट धराशक्ति’ के तहत 19 महिला प्रतिभागी HEMM ऑपरेटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से भारी खनन मशीनों के सुरक्षित एवं दक्ष संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान श्री अरविंद अहीरवार, प्राचार्य (CETI), श्री सुजीत झा, पी.ई. (एक्सकेवेशन) तथा प्रशिक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को सुरक्षित संचालन, तकनीकी दक्षता एवं आधुनिक खनन प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

गेवरा क्षेत्र आधुनिक तकनीक, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा कौशल विकास को समान प्राथमिकता देते हुए खनन कार्यों में निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है। आधुनिक मशीनों के समावेश एवं प्रोजेक्ट धराशक्ति जैसी अभिनव पहलों के माध्यम से एसईसीएल सुरक्षित, कुशल, समावेशी एवं सतत खनन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

Related Articles

Back to top button