डीएसपीएम से सेवानिवृत अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मानित कर दी गई विदाई
डीएसपीएम से सेवानिवृत अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मानित कर दी गई विदाई

कोरबा। डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह से माह दिसम्बर-2023 में सेवानिवृत हुए अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी गई। इस मौके पर मुख्य अभियंता डा हेमंत सचदेवा ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी की सेवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवानिवृत हो रहे घनश्याम सिंह वर्मा, मुकेश प्रसाद सिह, हीरामन लाल एवं समारू लाल बरेठ सभी ने अपने कार्य को निष्ठा एवं लगन से करते हुए संयंत्र की सेवा की है। उन्होंने कहा कि आपका अनुभव, अनुशासन एवं संयंत्र में कार्य करने की शैली सैदव हम सभी को अविस्मरणीय रहेगी।
कर्मचारी के सम्मान में समारोह का आयोजन प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यपालन अभियंता घनश्याम सिंह वर्मा, कनिष्ठ पर्यवेक्षक मुकेश प्रसाद सिंह, हीरामन लाल एवं समारू लाल बरेठ कोरबा पूर्व संयंत्र से अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्ति होने पर विदाई दी गई।
कार्यक्रम में संयंत्र के मुख्य अभियंता डा हेमंत सचदेवा एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश्वरी रावत, आशीष श्रीवास्तव, संजीव कंसल एवं एलएन सूर्यवंशी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके साथ ही अधिकारी- कर्मचारी एवं सेवा निवृत्त हो रहे कर्मियों के स्वजनों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर डाॅ. सचदेवा एवं मंचस्थ विशिष्ट अतिथि, अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं द्वारा सेवानिवृत्ति कर्मी को पुष्पगुच्छ, प्रशस्ति पत्र एवं कलाई घड़ी, से सम्मानित कर विदाई दी गई।
इस अवसर पर राजेश्वरी रावत, आशीष श्रीवास्तव, संजीव कंसल एवं एल.एन. सूर्यवंशी अति.मुख्य अभियंताओ ने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी-कर्मचारियों कों अपनी शुभकामनाए प्रेषित की एवं उनके कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल का अनुभव भी साझा किया। सहायक अभियंता हेमलता गुरूपंच द्वारा कार्यक्रम का संचालन एवं सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों का संक्षिप्त परिचय का उल्लेख किया गया। आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता (मानव संसाधन) देवीशंकर राय द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रसायनज्ञ सह वरिष्ठ कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिदार, हेमलता गुरूपंच, एस.के. डेविड, महिपाल कैवर्त एवं राजकुमार केंवट का सहयोग सराहनीय रहा।
