Uncategorized

कलचुरी डिक्सेना सामाजिक भवन के्राझरिया पाली में 

सर्ववर्गीय कलचुरी कलार समाज का सामाजिक सम्मेलन संपन्न

 

कटघोरा – पाली (शिवशंकर जायसवाल )13 फरवरी दिन शुक्रवार को कलचुरी कलार समाज का सामाजिक सम्मेलन कल्चुरी भवन पाली केराझरिया में संपन्न हुआ ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में मा. श्यामबिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री परिवार कल्याण ,शिक्षा चिकित्सा ,बीस सूत्रीय कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन एवं अध्यक्षता रामगोपाल डिक्सेना सर्व वर्गीय कलार समाज अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरबा लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि – प्रशांत मिश्रा, कौनतेय जायसवाल – संयोजक कलचुरी इतिहास पुरातत्व विभाग,

पवन सिंह – जिला पंचायत अध्यक्ष कोरबा, अजय जायसवाल – नगर पंचायत अध्यक्ष पाली, डॉ. शकुंतला जायसवाल- महिला समाज जिला अध्यक्ष कोरबा, डॉ राजेंद्र जायसवाल – जिला अध्यक्ष जायसवाल समाज कल्याण समिति, सत्यनाराय पैकरा –

जनपद सदस्य पाली, गिरिजा बाई – सरपंच केराझरिया, मोनिका जायसवाल – पार्षद पाली,

अशोक जायसवाल – अध्यक्ष प्रगति शील कलार समाज, सुरेंद्र जायसवाल – संयोजक कलचुरी महोत्सव रतनपुर, रमेश जायसवाल – अध्यक्ष कलचुरी समाज बिलासपुर उपस्थित रहे । मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा पर पूजा अर्चना कर आरती गायन किया गया। अतिथियों का स्वागत टीका रोली एवं फूल माला से ब्रिज मोहन डिक्सेना अध्यक्ष कटघोरा पाली डड़सेना सहित उनके 13 इकाई के अध्यक्ष द्वारा गज माला से एवं टीका रोली,बेच लगाकर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि महोदय श्याम बिहारी जयसवाल स्वास्थ्य मंत्री ने समाज के लोगों को उद्बोधन करते हुए कहा कि जायसवाल समाज अग्रणी समाज रहा है ।लगातार हजारों सालों से कलचुरी समाज एवं अन्य वर्ग का कल्चुरियों का योगदान रहा है।सबसे बड़ा योगदान छत्तीसगढ़ के पक्ष में रहा। भगवान सहस्र बाहु की कृपा से राज महेश्वर से चलकर छत्तीसगढ़ में प्रवेश किये। तुमान को पहली राजधानी ,उसके बाद रतनपुर को राजधानी फिर रायपुर को राजधानी बनाया गया ।महानदी के उस पार 18 गढ़ उस पार को 18 गढ़ दोनों मिलकर छत्तीसगढ़ बनाया गया ।

लंबे समय तक शासन के बाद कलचुरी शासन काल खत्म हुआ ।

कल्चुरियों का योगदान छत्तीसगढ़ में हुआ ।

पूरे प्रदेश में कोई ऐसा जगह नहीं है कि जो कि कलार समाज के लोग न रहते हो , अधिकांश लोग अलग-अलग सरनेम लिखते हैं और उनके नाम से जाने जाते हैं , जैसे जायसवाल कलार ,सिंह, जैन, विश्राम भी लिखते हैं ।

उन्होंने आगे कहा कि पाली के शिव मंदिर 18 वीं शताब्दी में बनाया गया है, 12 00 साल पहले की बात है ।रतनपुर का इतिहास सभी को मालूम है ।जहां-जहां पुराने मंदिर के अवशेष मिले, पुराना शिव मंदिर ,पुराना महामाया मंदिर मिले वहां समझ जाना चाहिए कि कलचुरी वंश के संरचना है ।

वाटर हार्वेस्टिंग पानी बचाना हजारों साल पहले हमारे पूर्वज जानते थे ,की पानी का दिक्कत होगा इसलिए सभी राज्यों में तालाब का निर्माण करवा दिए थे ।रायपुर में भी तालाब ही तालाब है, रतनपुर तूमान में 6आगर 6 कोरी कुल 126 तालाब स्थित है ।

हजारों साल पहले जानते थे कि पानी बचाना है इसलिए उनका उपाय भी कर लिए थे। उस समय

सच्चा हिंदू राष्ट्र था।हमारा देश सोने की चिड़िया कहलाता था ।विश्व में सबसे अधिक राज चलाने वाला कल्चुरी वंशज है।

आठवीं एवं अंतिम बार रायपुर में 1750 -1752 के लगभग मराठों के अधीन हो गये। उसी समय से कल्चुरी शासन काल खत्म हो गया।

उसे समय सभी जाति वर्ग के लोग भी रहते थे ।सेवा में भी सभी वर्ग के लोग शामिल रहा करते थे।

मराठा ने आक्रमण कर राज्य को समाप्त कर दिया प्रजा इधर-उधर भागने लगे।

अपनी जान बचाने के लिए जाति एवं सरनेम बदल दिए।

अब हमारा समाज विकसित हो चुका है अभी वर्तमान में मंत्री विधायक, कलेक्टर एसपी, आई ए इस भी है।उन्होंने कहा कि अकबर सुल्तान गेट नहीं है ,महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी ,रानी अहिल्याबाई यह वीर योद्धा है ।

सिकंदर महान कैसे हुआ लेकिन पाठ पढ़ाया जाता है , महानदी के किनारे पुरुष राजा से अकबर हार गया ।

कलचूरी वंश का उसे समय राज्य था।

मुगलों ने पूरा लूट लिए ।मुगलों की डर से उस समय रात्रि को ही शादी होता था।

मुगलों ने उसे समय बहुत अत्याचार किया अंग्रेज लोग ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने के लिए शुरू किया ।

मैकाले ने शिक्षा पद्धति को बदल दिए ।

मंत्री जी ने आगे कहा कि पाली में 50 बेड हॉस्पिटल एवं भवन के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा किया गया सभी लोग से आग्रह किया कि चींटी बनाकर एक दूसरे के सहयोग करे ,केकड़ा बनकर एक दूसरे का पैर नहीं खींचना चाहिए।

 

 

*रामगोपाल डिक्सेना* ने कहा कि – सामाजिक भवन के लिए राशि उपलब्ध कराई जावे।कटघोरा जटगा मोड के पास भगवान सहस्त्र बाहु चौक एवं गार्डन के लिए सीएम द्वारा घोषणा किया गया था , परंतु अभी तक राशि नहीं आ पाया है।

चौक की घोषणा स्वास्थ्य मंत्री के अनुरोध से हुआ । उस स्थान पर बेजा कब्जा हो गया है।

*प्रशांत मिश्रा* – सांसद प्रतिनिधि कोरबा ने संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल क्षेत्र है , फिर भी समाज के 84 प्रतिनिधि जिले में विराजमान है ।भगवान सहस्त्रबाहु की असीम कृपा से आप लोगो को इतना दिए हैं कि किसी को मांगने की जरूरत नहीं है।

साथ में बैठकर मनन चिंतन करनी चाहिए। बिलासपुर रायपुर में कोई ऐसा सामाजिक भवन होनी चाहिए जो कि गरीब बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए मदद मिल सके।

हम भवन के लिए सांसद फंड में सामाजिक भवन पाली के लिए सहयोग देने के लिए तैयार है।

*पवन सिंह* – जिला पंचायत अध्यक्ष कोरबा में काफी कोई सबूत देखना हो तो तुमान में आकर देखिए ।

कल्चुरी वंश के शासन काल में शिवजी का मंदिर स्थापित हुआ है तुमान छत्तीसगढ़ के प्रथम राजधानी हुआ करता था ।कलचुरी वंश के जो चिन्ह छोड़ कर गए हैं वह काफी है। तुमान महोत्सव करने के लिए काफी है जैसे पाली महोत्सव हो रहा है वैसी तुम महान महोत्सव किया जाना ह चाहिए। ग्राम वासियों के सहयोग से 15 से 16 साल पूर्व से मड़ई मेला का आयोजन करते आ रहे हैं ,

मड़ई मेला में सैकड़ो दूर से ग्रामीण यहां मेला देखने के लिए आते हैं तुमान को आगे प्रोग्रेस करने के लिए निवेदन करूंगा कोई समाज छोटा नहीं है।

जयसवाल समाज वालों को मांगने की जरूरत नहीं है जिला पंचायत की ओर से 5 लाख सहयोग की घोषणा करता हूं।

*अजय जायसवाल अध्यक्ष*- नगर पंचायत पाली ने कहा कि सामाजिक भवन के लिए केरा झरिया के पूर्व सरपंच सत्यनारायण पैकरा को धन्यवाद देता हूं जो कि समाज के लिए भवन उपलब्ध कराया। और हमेशा सहयोग देने के लिए तैयार रहते हैं। पाली में समाज के लोगो को तीन बार अध्यक्ष के लिए चुना गया पाली में 50 बिस्तर वाला हॉस्पिटल कागजात में संचालित है भवन होनी चाहिए ।

*बृजमोहन डिक्सेना -* अध्यक्ष डड़सेना कलार समाज पाली ने कहा कि सामाजिक भवन के लिए 50 लाख रुपया की आवश्यकता है।

पाली केरा झरिया चौक के पास भगवान सहस्त्रबाहु की चौक बनाने की मांग भी किया गया है।

हमारे मंत्री को दो प्रभारऔर मिल जाए ऐसी भगवान से प्रार्थना करेंगे।

*सत्यनारायण पैकरा जनपद* *सदस्य ने कहा* कि सबसे पहले जायसवाल समाज के लिए भवन उपलब्ध कराए हैं। सहयोग देने के लिए तैयार रहता हूं ।समाज के लिए जो भी सहयोग चाहिए दरवाजा खुला है ।देवलाल, कीर्ति एवं अन्य लोगों ने भी उद्बोधन किए।

 

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्यमंत्री जायसवाल ने भवन के प्रांगण में एक पीपल का वृक्ष भी लगाया ताकि लंबे समय तक लोगो को ऑक्सीजन ,छाया एवं चिड़ियों को भोजन मिल सके। लोग उन्हें याद भी करे।

कार्यक्रम के बाद मंचस्थ सभी अतिथियों को एवं इकाई के 13 सदस्यों को एक एक मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

कोरबा जिले डडसेना कल्चुरी कलार समाज के अध्यक्ष बृज मोहन डिक्सेना,पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण डिक्सना के अलावा

13 इकाई अध्यक्ष

1/ शिवशंकर डिक्सेना कोरबा इकाई -1,

2/राजेंद्र जायसवाल कटघोरा इकाई,

3/ शिवशंकर जायसवाल कटघोरा इकाई ,

4/ ओ पी डिक्सेना सुतरा इकाई ,

5/ जगदीश डिक्सेना डूडगा इकाई,

6/ श्याम जायसवाल सिंघिया इकाई,

7/ द्वारिका प्रसाद पाली इकाई ,

8/ जैतराम डिक्सेना

केराझरिया इकाई

9/ संतराम डिक्सेना

मुनगाडीह इकाई

10/ राम रतन डिक्सेना बक्शाही इकाई

11/ बाला राम डिक्सेना सीस इकाई ,

12/ दाऊ लाल डिक्सेना हरदी बाजार इकाई

13/ देव नारायण डिक्सेना सोठी

इकाई एवं इसके अलावा, देव लाल सचिव, रमेश डिक्सेना कोषाध्य, कीर्ति डिक्सेना,गेंद राम डिक्सेना,दिनेश जायसवाल,अरविंद जायसवाल,

सुनील,नरेंद्र, अधिवक्ता तीर्थ डिक्सेना, ऊषा डिक्सेना (महिला सभा इकाई अध्यक्ष पाली क्षेत्र)

, दीपक जायसवाल,मधु मालती डिक्सेना, गिरिजा शंकर, मन्नू, कृष्ण, पार्वती, वीणा, सुरेश,मुरली , कौशिक, अंशु,लल्ली,नरेंद्र,प्रवीण,कोमल संगीता, राजकुमार जायसवाल , अधिवक्ता कमल किशोर ,राजेश्वरी जायसवाल सरोज, नंदनी,दुर्गा,गंगा,मधुलता,शरद,राजेश्वरी,नेहा,जानकी ,किरण,रामेश्वर जायसवाल,मुरली डिक्सेना,का अथक सहयोग रहा।

कार्यक्रम का सफल संचाल सुनील कुमार से राजकुमार जायसवाल आभार व्यक्त देव लाल डिक्सेना ने किया, कोरबा ,बिलासपुर, रायपुर,जांजगीर चांपा एवं अंबिकापुर से हज़ारी की संख्या में सामाजिक लोग उपस्थित रहे।

 

==0==

Related Articles

Back to top button