बाढ़ की चपेट में आने से मुक्तिधाम का आधा हिस्सा बह गया

कटघोरा( शिवशंकर जायसवाल )कुछ दिन पूर्वअहिरन नदी में बाड़ आने के कारण मलदा घाट स्थित मुक्तिधाम का कुछ हिस्सा पानी में बह गया है।जिसके कारण अब अंतिम संस्कार करने में बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पुरानी बस्ती मुक्ति धाम में लगभग तीन वार्ड के लोग अंतिम संस्कार करने ले लिए जाते है। यदि मुक्तिधाम के किनारे को बचाने के लिए यदि पिचिंग नहीं किया जाएगा तो अंतिम संस्कार करने में परेशानी होगी।यदि बारिश के पूर्व पीचिंग कार्य नहीं हुआ तो निश्चित ही मुक्तिधाम की शेड अंतिम संस्कार हो जाएगा हम नहीं कह रहे है लोगो का कहना है और बाड में विलीन हो जाएगा।
सबसे पुराना मुक्तिधाम पानी के चपेट में आधा बह गया ।यदि फिर वैसी बरसात होगी तो निश्चित ही मुक्तिधाम पूरा बह जाएगा।कोई संदेह की बात नहीं है।
नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री जायसवाल के कार्यकाल में मलदा घाट मुक्ति धाम के नदी किनारे 8 लाख रुपए में 207- 08 में पिचिंग कार्य हुआ था , उसके बाद आज तारीख तक किसी प्रकार का पिचिंग कार्य नहीं हुआ है। अब यह देखना है कि नगर पालिका मुक्तिधाम में कब तक सुधार कार्य करती है। पुरानी बस्ती निवासी अमित जायसवाल समाजसेवी ने भी कहा कि यदि मुक्ति धाम का समय रहते समस्या की हल नहीं किया जाएगा तो भविष्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
वार्ड न 10 पुरानी बस्ती पार्षद श्रीमती सुनीता/आशीष जायसवाल ने कहा कि मुक्तिधाम अहिरन नदी किनारे हजारों साल पहले बना हुआ है।परंतु अब नदी के पानी की कटाव में धीरे धीरे मुक्तिधाम छोटे होते जा रहा है इसे बचाने के लिए नगर पालिका फंड से पिचिंग कार्य किया जाएगा अन्यथा अंतिम संस्कार में परेशानी बड़ जाएगी।




