नगर में पेयजल संकट गहराया, लोग परेशान

कटघोरा (सत्यम जायसवाल)।
नगर में विगत दो दिनों से पेयजल की किल्लत ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नगर के अधिकांश वार्डों में नल की बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। कई वार्डों के लोग दूर-दूर से ऑटो व निजी साधनों के जरिए पानी लाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
सीएमओ तिवारी से इस संबंध में चर्चा करने पर उन्होंने बिजली की समस्या बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।
नगरवासियों का कहना है कि प्रशासन को समस्या का हल ढूंढने के बजाय बहानेबाज़ी कर रहा है।
वार्ड नंबर दो के निवासी नजीर खा ने बताया कि ईद जैसे बड़े त्यौहार पर भी उन्हें पानी के लिए परेशान होना पड़ा। मजबूरीवश उन्होंने ऑटो से पानी मंगाकर त्योहार मनाया। यह स्थिति किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं कही जा सकती।
नगर में पेयजल व्यवस्था के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, मगर इसका सीधा लाभ नागरिकों तक नहीं पहुंच रहा है। कटघोरा के कुल 15 वार्डों में से 11 वार्डों को आंशिक सुविधा मिल रही है, जबकि बाकी वार्डों के लोग भगवान भरोसे जी रहे हैं। वार्ड नंबर 5 में अब तक नल की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। काम चल रहा है, मगर पूरा होने का कोई ठोस आश्वासन नहीं है। नगर पालिका में लोग रोजाना शिकायतें दर्ज करा-करा कर थक चुके हैं, लेकिन समाधान अभी तक नहीं निकला पाया है।
और भी चिंताजनक स्थिति तब देखने को मिली जब कभी-कभार नल से आने वाला पानी गंदा और बदबूदार रहता है। दूषित पानी पीने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
🚰 पानी की कमी से होने वाली बीमारियाँ
डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)
किडनी स्टोन व गुर्दे से जुड़ी समस्याएँ
कब्ज और पाचन संबंधी परेशानियाँ
चक्कर आना, कमजोरी और थकान
🦠 गंदा पानी पीने से फैलने वाली बीमारियाँ
डायरिया (दस्त)
हैजा (कॉलेरा)
पेचिश (डिसेंट्री)
टाइफॉइड
पीलिया (जॉन्डिस)
इन बीमारियों के कारण बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
नगरवासियों का आरोप है कि सीएमओ तिवारी बार-बार झूठा दिलासा देकर जनता को बहकावे में ले रहा हैं। हर बार नई समस्या गिनाकर असल मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है। लोगों का कहना है कि अब धैर्य जवाब देने लगा है और यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए तो उग्र कदम उठाया जा सकता है।




