असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दिलाने बीेएमएस प्रयासरत
असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा दिलाने बीेएमएस प्रयासरत

कोरबा : भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश पांडेय ने कहा कि भामसं अपनी स्थापना का 70 वां वर्ष मना रहा है। इस दौरान संघ ने 70 नई यूनियन बनाने का लक्ष्य रखा है, इसमें अभी 20 का गठन हो चुका है। शेष 50 का गठन भी जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ असगंठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों को एकजूट करने लगातार प्रयासरत है। इन मजदूरों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जा रही है और उनका यथोचित निराकरण का प्रयास किया जा रहा है। संघ ने इसे श्रमिक संपर्क अभियान का नाम दिया है। उन्होंने कहा कि हर उद्योग में नियमित कामगारों की संख्या लगातार कम होते जा रही है और उनके स्थान पर आऊटसोर्सिंग या ठेका पद्धति से मजदूरों से कार्य कराया जा रहा है। इसी तरह किसान, भवन निर्माण, रोजी- मजदूरी, सब्जी बेचने वाले, घर- घर होटल से भोजने पहुंचने, टैक्सी चालक, ठेला संचालन कर एवं आनलाइन काम करने वाले समेत अन्य तरह से कार्य कर जीवकोपार्जन करने वालों को भी संघ जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इन लोगों की अभी तक किसी संघ ने सुध नही ली है, पर भासमं की कोशिश है कि इन सभी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा एवं सुविधाएं मिले। ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रदेश अधिकांश जिलों में श्रमिक संपर्क अभियान चलाया जा चुका है। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या रोजगार व सामाजिक सुरक्षा की सामने आई। किसी भी तरह के कार्य के दौरान कोई घटना हो जाती है, तो ऐसे मजदूरों को किसी तरह का आर्थिक सहयोग नहीं मिल पाता है। जल्द ही सभी लोगों को एकजूट कर संघ से जोड़ा जाएगा और संगठन को मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा। पांडेय ने कहा कि प्रदेश में स्थित अनेक उद्योग में आइडी एक्ट का पालन नहीं हो रहा है, यह दुर्भाग्य की बात है और संघ इसकी निंदा करता है। राज्य सरकार से चर्चा कर सभी उद्योग में आईडी लागू करने का प्रयास करेगा, ताकि प्रबंधन सभी यूनियन से चर्चा कर मजदूरों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कर सके। इस मौके पर भामसं के राष्ट्रीय मंत्री आरएस जायसवाल, जिला महामंत्री नवरतन बरेठ, शरद नायर, माखन वर्मा, नरेन्द्र तिवारी समेत अन्य उपस्थित रहे।

