अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने सुनाया फैसला शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले युवक को 10 वर्ष का कारावास
अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने सुनाया फैसला
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले युवक को 10 वर्ष का कारावास
कोरबा : शासकीय कार्यालय पहुंची एक युवती से प्लेसमेंट कर्मी मित्रता करने के बाद उसे अपने प्रेम जाल में फांस लिया। शादी करने का झांसा देते हुए उसके साथ बार दुष्कर्म किया। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो गाली गलौच कर शादी से इंकार कर दिया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
वर्ष 2020 में पीड़िता अपनी छोटी बहन का मेधावी छात्रवृत्ति फार्म भरने के लिए श्रम विभाग कोरबा कार्यालय गई थी, जहां उसकी मुलाकात प्लेसमेंट कर्मी उमेश कुमार चिकनजुरी से हुई। योजना की जानकारी देने के नाम युवती से उमेश मोबाइल नंबर ले लिया। बाद में उससे मोबाइल में लगातार बातचीत करते रहे। कुछ दिन बाद पीड़िता के समक्ष उसने कहा कि उससे प्रेम करता है और शादी करना चाहता है, इस पर पीड़िता ने इंकार कर दिया। बाद में विश्वास जीतने के लिए उसने जीवन भर साथ देने की कसम खाने के साथ ही गिड़गिड़ाने लगा, तब पीड़िता उसकी बात में आ गई। पीड़िता ने पुलिस के समक्ष बताया था कि तीन जून 2022 को उमेश अपने रूम में बुलाया। वहां मना करने के बाद भी शादी का विश्वास दिलाते हुए शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद कई बार शादी का विश्वास दिलाते हुए शारीरिक संबंध बनाया। जब भी उसे शादी करने के लिए कहती, तब वह कोई न कोई बहाना बनाकर उसे लगातार टालता रहा। अक्टूबर 2023 में पीड़िता के साथ शारीरिक सबंध बनाया और उसके बाद उसे अनदेखा करने लगा। इस पर पीड़िता ने शादी करने का कहा, तो वह टाल गया। 15 अप्रैल 2024 को उमेश की हरकतों से परेशान होकर अपनी बहन को लेकर उससे शादी करने की बात करने गयी, तब उसने गाली-गलौच कर मारपीट किया। रिपोर्ट करने पर उमेश ने तीनों बहनों को जान से खत्म करने की धमकी दी। इस पर पीड़िता ने 25 अप्रैल 2024 को थाना सिविल लाइन रामपुर कोरबा में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। विवेचना उपरांत सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने धारा 294, 323 तथा 506 भाग दो तथा धारा 376(2) (एन)) के तहत अपराध दर्ज अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सीमा प्रताप चंद्रा के प्रस्तुत किया। मामले में शासन की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने बताया कि सुनवाई के उपरांत आरोपित पर एक से अधिक बार दुष्कर्म किए जाने का दोष सिद्ध हुआ। इस पर न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा, अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) कोरबा ने अन्य धाराओं में दोषमुक्त कर धारा 376 (2) (एन) के तहत 10 साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है।
