कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन
कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन


कोरबा- कटघोरा ( शिवशंकर जायसवाल ) । कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का कटघोरा जिला कोरबा के अधिष्ठाता डॉक्टर एस.एस. पोर्ते के मार्गदर्शन में कृषि विस्तार वैज्ञानिक डॉ आकांक्षा पाण्डे एवं कृषि महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के रावे एवं रेडी के छात्रों द्वारा ग्राम पंचायत नगोई बछेरा विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा का “सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन” (Participatory Rural Appraisal PRA) किया गया।
कृषि विस्तार वैज्ञानिक डॉक्टर आकांक्षा पाण्डे ने PRA के अंतर्गत ग्राम वासियों को इसकी जानकारी दी कि ‘सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन’ क्या है?
सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन किसी दिए गए ग्रामीण क्षेत्र की अपनी स्थिति के विश्लेषण और व्याख्या में स्थानीय लोगों को शामिल करने की प्रक्रिया है इसमें लोगों को भागीदारीपूर्ण योजना और कार्यवाई के लिए जरूरी जानकारी का आधार बनाने में मदद करती है।
साथ ही साथ कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने PRA के 7 टूल्स को चार्ट पेपर में बनाकर गांव में प्रदर्शन किया। वे टूल्स निम्न हैं –
1.सामाजिक मानचित्र 2.संसाधन मानचित्र 3.समस्या वृक्ष 4.गतिशीलता मानचित्र 5.समय रेखा एवं ऐतिहासिक मानचित्र 6.परगमन चलना 7.वेन आरेख इत्यादि।
PRA के उपयुक्त टूल्स को बनाने हेतु कृषि छात्रों ने सर्वप्रथम गांव की पूरी जानकारी जुटाई जैसे कि गांव के प्राकृतिक संसाधन, सामाजिक स्थिति, गांव की फसल पद्धति, वर्ष में ली जाने वाली फसलों की संख्या एवं फसलों के प्रकार, खरीफ, रबी एवं जायद में ली जाने वाली फसलों के प्रकार एवं संख्या एवं उनकी उत्पादकता इत्यादि।
साथ ही साथ कृषि विस्तार वैज्ञानिक एवं रावे के छात्रों द्वारा गांव का “सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन” कर गांव की समस्याओं को जानकर उनके निराकरण हेतु ग्राम वासियों को परामर्श दिया।
