मेनपावर की कमी तो वेलफेयर सदस्यों का सहयोग ले प्रबंधन
एचएमएस व एसईसीएल प्रबंधन के मध्य हुई बैठक, लंबित मुद्दों के निराकरण की मांग
मेनपावर की कमी तो वेलफेयर सदस्यों का सहयोग ले प्रबंधन

एचएमएस व एसईसीएल प्रबंधन के मध्य हुई बैठक, लंबित मुद्दों के निराकरण की मांग
कोरबा। कोयला मजदूर सभा (एचएमएस ) का क्षेत्रीय स्तर का औद्योगिक संबंध (आईआर) बैठक गेवरा में आयोजित की गई। इस दौरान पर्सनल विभाग, सिविल विभाग, फाइनेंस विभाग, विद्युत विभाग और एनसीएच अस्पताल के एचओडी के साथ गेवरा क्षेत्र की समस्याओं के विषय में विस्तृत चर्चा हुई।
संगठन की ओर से कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के अध्यक्ष (केंद्रीय) रेशम लाल यादव ने कहा कि इस बैठक को सार्थक तब माना जाएगा जब प्रबंधन की ओर से ठोस कदम उठाए जाएं एवं कर्मचारियों के समस्याओं का निराकरण हो। उन्होंने कहा कि सिविल विभाग में मेन पावर की कमी है तो सभी श्रमिक संगठन के वेलफेयर सदस्यों से सहयोग लें। यादव ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता रखा। इसमें कालोनी में प्रदूषण एवं बिजली की समस्या से निराकरण करने कहा गया। इसी तरह कर्मचारियों को मिलने वाली पानी बाटल एवं टावेल में हो रही देरी को सवाल उठाया गया। साथ ही गुणवत्ता विहीन सिविल कंस्ट्रक्सन के संबंध में यादव ने गुणवत्ता लाने कहा। उन्होंने कहा कि गेवरा क्षेत्र में निवासरत लोगों को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने उचित पहल की जानी चाहिए। गेवरा क्षेत्र के कर्मचारियों की अन्य समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इस दौरान महामंत्री एसडी मानिकपुरी, उपमहामंत्री एससी मंसूरी, गेवरा क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष यश जयसवाल, सचिव एसके राबिंसन, वेलफेयर सदस्य राजेश सिंह व मकसूद, एरिया सेफ्टी बोर्ड सदस्य सुशील कुमार श्रीवास, उपाध्यक्ष शिवकुमार, एन अजीत, डीपी सोनी, वीजे नायर, बी स्निग्धा, अनिरुद्ध सिंह और अन्य क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रबंधन ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल करते हुए प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
बैठक में इन मुद्दो पर हुई चर्चा
0 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि रुपये 10 हजार करने।
0 इंसेंटिव के रूप में दिए गए सिक्का का बकाया राशि के भुगतान करने।
0 मेडिकल बिल भुगतान में हो रही देरी व विसंगति।
0 खदान व हास्पिटल में एंबुलेंस समय पर उपलब्ध न होने।
0 कालोनी क्वार्टरों में मरम्मत के काम नहीं हो रहा भर्राशाही को रोकने।
