हिंदी भाषा भारत की एकता का प्रतीक, आपस में जोड़ती है सबको एक-दूसरे से
एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में हिंदी पखवाड़ा का समापन
हिंदी भाषा भारत की एकता का प्रतीक, आपस में जोड़ती है सबको एक-दूसरे से
एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में हिंदी पखवाड़ा का समापन
बिलासपुर । गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, भारत सरकार से प्राप्त निर्देशानुसार एसईसीएल मुख्यालय में हिंदी पखवाड़ा का आयोजन 14 से 28 सितम्बर 2024 तक किया गया जिसका समापन 28 सितंबर 2024 को एसईसीएल वसंत विहार स्थित रविन्द्र भवन में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा प्रेमसागर मिश्रा, निदेशक तकनीकी संचालन एसएन कापरी, निदेशक तकनीकी योजना-परियोजना फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक कार्मिक बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन के विशिष्ट आतिथ्य, उप महाप्रबंधक कार्मिक-प्रशासन/औद्योगिक संबंध मनीष कुमार श्रीवास्तव, विभिन्न विभागाध्यक्षों, क्षेत्रीय कार्यालय के कर्मियों, एसईसीएल मुख्यालय में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं विभागाध्यक्षों द्वारा वीणावादिनी माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित किया गया उपरान्त उप महाप्रबंधक कार्मिक-प्रशासन/औद्योगिक संबंध मनीष कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए हिंदी पखवाड़ा आयोजन के संबंध में जानकारी दी। अपने संबोधन में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डा. प्रेम सागर मिश्रा ने कहा भारत बहुभाषा-भाषी राष्ट्र है लेकिन हिंदी वह भाषा है जो भारत की एकता का प्रतीक है, यह हम सबको एक-दूसरे से आपस में जोड़ती है। हमें अधिकाधिक हिन्दी में बिना झिझक वार्तालाप व कार्यालयीन कार्य करना चाहिए। उन्होंने हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए भाग लेने वाले अन्य समस्त प्रतिभागियों को भविष्य के लिए अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से पखवाड़े के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं-कम्प्यूटर आधारित हिंदी टंकण प्रतियोगिता (हिंदी भाषी), हिंदी निबंध प्रतियोगिता (हिंदी भाषी), ततकालिक हिंदी भाषण प्रतियोगिता (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु एक साथ), चित्र आधारित हिंदी कहानी लेखन प्रतियोगिता (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु अलग-अलग), हिंदी व्याकरण ज्ञान प्रतियोगिता (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु अलग-अलग), हिंदी पत्र व टिप्पण लेखन प्रतियोगिता (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु अलग-अलग), विभागाध्यक्षों हेतु हिंदी पत्र व टिप्पण लेख प्रतियेागिता, हिंदी स्वरचित कविता पाठ प्रतियोगिता (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु एक साथ), हिंदी अंताक्षरी प्रतियोगिता हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु एक साथ), स्लोगन प्रतियोगिता मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों हेतु (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु एक साथ), स्वरचित हिंदी कविता लेखन प्रतियोगिता मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों हेतु (हिंदी भाषी एवं हिंदीतर भाषी हेतु एक साथ), डीएव्ही स्कूल के बच्चों हेतु हिंदी निबंध प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किया गया ।
इसके साथ ही एक जनवरी 2024 से 30 जून2024 तक के दौरान सबसे अधिक हिन्दी में पत्राचार करने वाले विभागों को स्व. शंकर दयाल सिंह स्मृति पुरस्कार योजना के अंतर्गत पुरस्कृत किया गया जिसमें’वर्ग एक-तकनीकी विभाग में प्रथम औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग, द्वितीय सामग्री प्रबंधन विभाग, तृतीय-उत्खन विभाग को प्रदान किया गया। वर्ग दो-गैर तकनीकी विभाग में प्रथम अधिकारी स्थापना विभाग एवं औद्योगिक संबंध विभाग, द्वितीय लोकसूचना विभाग तथा तृतीय जनसंपर्क विभाग को प्रदान किया गया जबकि क्षेत्रीय कार्यालयों हेतु प्रथम-हसदेव क्षेत्र, द्वितीय-जोहिला क्षेत्र, तृतीय-सोहागपुर क्षेत्र को प्रदाय किया गया। इस अवसर पर मुख्यालय बिलासपुर में शत-प्रतिशत हिंदी में पत्राचार करने वाले विभागों में से पीएफ-पेंशन विभाग, सुरक्षा विभाग, उत्पादन विभाग, योजना-परियोजना विभाग, इलेक्ट्रानिक एवं दूरसंचान विभाग को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन व अंत में उपस्थितों को धन्यवाद ज्ञापित उप प्रबंधक (राजभाषा) सविता निर्मलकर ने किया।

