कोरबा

कुसमुंडा खदान का जायजा लिया छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की अध्यक्षा ने

कुसमुंडा खदान का जायजा लिया छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की अध्यक्षा ने

कुसमुंडा खदान का जायजा लिया छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की अध्यक्षा ने

कोरबा : छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर की अध्यक्षा आर संगीता (भाप्रसे) ने कुसमुंडा ओपनकास्ट परियोजना का दौरा किया। इस दौरान एसईसीएल निदेशक तकनीकी फ्रैंकलिन जयकुमार ने खदान के कार्य संचालन के बारे में बताया। लंगीता ने खदान में उत्पादन की गतिविधि से रूबरू होने के साथ ही विभिन्न जानकारी अधिकारियों से ली। इस दौरान कुसमुंडा टीम ने बताया कि किस तरह कुसमुंडा खदान छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास में योगदान दे रही है और बीते वित्तीय वर्ष 2023-24 में 500 लाख टन (50 मिलियन टन) कोयला उत्पादन हासिल करने वाली देश की दूसरी खदान बनी है। खदान में कोयला निकालने के लिए ब्लास्टिंग-रहित अत्याधुनिक तकनीक से लैस सरफेस माइनर का प्रयोग के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि तीसरे चरण के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) का कार्य पूरा होने के बाद, 95 प्रतिशत कोयला निकासी मशीनीकृत साधनों – कवर्ड बेल्ट कन्वेयर और साइलो द्वारा रेक में स्वचालित लोडिंग द्वारा की जाएगी। परियोजना के डिजिटलीकरण के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जो इंडस्ट्री 4.0 के लिए एक प्रयास है। रूफटाप सौर ऊर्जा संयंत्र, पांच इलेक्ट्रिक व्हीकल, ईटीपी, सड़कों पर पानी का छिड़काव, डंपर धुलाई जैसे औद्योगिक उद्देश्यों के लिए खदान के पानी का पुनः उपयोग किए जाने के संबंध में जानकारी दी। इस हरित पहल की सराहना की गई। अधिकारियों ने बताया कि एसईसीएल द्वारा छत्तीसगढ़ विजन 2047 के लक्ष्य के अनुरूप समग्र अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं। प्रवास के दौरान अध्यक्षा संगीता द्वारा रीक्लेम्ड ओबी डंप पर पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर मुख्यालय से राजशेखर, महाप्रबंधक योजना- परियोजना, कुसमुंडा क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव सिंह, स्टाफ आफिसर योजना- परियोजना कुसमुंडा क्षेत्र प्रकाश राय एवं अन्य अधिकारी साथ रहे।

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