कोरबा

लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण की मांगो पर एसईसीएल मुख्यालय का होगा घेराव

लंबित रोजगार प्रकरणों के निराकरण की मांगो पर एसईसीएल मुख्यालय का होगा घेराव


प्रदर्शन करते भू-विस्थापित

कोरबा। एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा के खदानों से प्रभावित भू विस्थापित किसानों की लंबित रोजगार प्रकरणों का तत्काल निराकरण की मांग को लेकर सीएमडी कार्यालय बिलासपुर का 19 फरवरी को महाघेराव किया जाएगा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ द्वारा
किसान सभा के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि भू विस्थापित रोजगार के लंबित प्रकरणों का निराकरण की मांग करते हुए थक गए हैं अब अपने अधिकार को छिन कर लेने का समय आ गया है। विकास के नाम पर अपनी गांव और जमीन से बेदखल कर दिए गए विस्थापित परिवारों की जीवन स्तर सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है। 40-50 वर्ष पहले कोयला उत्खनन करने के लिए किसानों की हजारों एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था।कोयला खदानों के अस्तित्व में आ जाने के बाद विस्थापित किसानों और उनके परिवारों की सुध लेने की किसी के पास समय ही नहीं है। खानापूर्ति के नाम पर कुछ लोगों को रोजगार और बसावट दिया गया जमीन किसानों का स्थाई रोजगार का जरिया होता है। सरकार ने जमीन लेकर किसानों की जिंदगी के एक हिस्सा को छीन लिया है। इसलिए जमीन के बदले छोटे-बड़े सभी खातेदार को नौकरी देना होगा। भू विस्थापित किसानों के पास अब संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। किसान सभा के अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू, जय कौशिक ने कहा कि पुराने लंबित रोजगार, को लेकर एसईसीएल गंभीर नहीं है।किसान सभा भू विस्थापितों की समस्याओं को लेकर उग्र आंदोलन की तैयारी कर रही है। भूविस्थापित रोजगार एकता संघ के नेता दामोदर श्याम, रेशम यादव,रघु यादव, सुमेन्द्र सिंह कंवर ठकराल ने कहा कि भू विस्थापितों को बिना किसी शर्त के जमीन के बदले रोजगार देना होगा और वे अपने इस अधिकार के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे। भू विस्थापितों ने एसईसीएल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि बिलासपुर मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय में सालो से रोजगार के फाइलों को रोक के रखा गया है और हर बार झूठा आश्वाशन देकर आंदोलन करने से रोका जाता है इस बार अनिश्चित कालीन हड़ताल की तैयारी है। भू- विस्थापितों ने कहा की घेराव में सभी क्षेत्रों के प्रभावित गांव के हजारों पीड़ित भू विस्थापित परिवार सहित शामिल होंगे

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