गुरु का मान, शिक्षा का सम्मान – राल शाला में हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस

कटघोरा (सत्यम जायसवाल)।
भारत की संस्कृति और परंपराओं में शिक्षक का स्थान सर्वोच्च माना गया है। हर वर्ष 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इसी कड़ी में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला राल, संकुल डोंगरी में छात्र-छात्राओं द्वारा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया।
शाला परिसर को छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की प्रतिमा पर माल्यार्पण और धूपबत्ती प्रज्वलित कर की गई। सरस्वती वंदना और राज्य गीत प्रस्तुत करने के बाद बच्चों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में कविता, भाषण और विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक शिव कुमार साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन का सच्चा गहना है, जिसे अपनाकर ही समाज का उत्थान संभव है। अन्य शिक्षकों ने भी बच्चों को आशीर्वचन देते हुए गुरु के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में छात्राओं ने केक काटकर शिक्षकों को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं और गीत गाकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। अंत में बच्चों को विद्यालय परिवार की ओर से चॉकलेट वितरित की गई, जिससे सभी बच्चों के चेहरे खिल उठे।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा आठवीं की छात्रा शिव कुमारी कंवर ने किया। आयोजन को सफल बनाने में अनुराग, अनुराग दास, पल्लवी, सुधा, राहुल, आदित्य कुमार, सुहानी, सृष्टि, विश्वदीप, मालिनी, रोशन दास सहित अन्य विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर कृपाल सिंह पैकरा, मोहम्मद आदिल, कल्याण सिंह श्रीवास, आशीष कंवर, सुरेखा श्रीवास, मीनाक्षी गोस्वामी सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
👉 शिक्षक दिवस का यह आयोजन छात्रों की भावनाओं और शिक्षकों के प्रति उनके अटूट सम्मान का जीवंत उदाहरण बना। 🙏
क्या आप चाहेंगे कि मैं इस समाचार के साथ 2-3 लाइन का एक प्रेरक उद्धरण भी जोड़ दूँ जिससे यह और
प्रभावशाली लगे?




