तीज पर्व मनाया गया

कटघोरा( सत्यम जायसवाल) प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी सुहागिन एवं कुंवारी लड़कियों द्वारा तीज पर्व का निर्जला व्रत रखी गई। कुंवारी लड़कियों अपने अच्छे पति पाने के लिए एवं सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु,सुख,समृद्धि के लिए शंकर भगवान से वरदान मांगे।

मोहल्ले के महिलाओं द्वारा रात्रि 12 बजे भगवान शिव का कथा श्रवण किया गया जिसमें यह बताया गया है कि भगवान भोले नाथ को पाने के लिए पार्वती ने घोर व्रत पूजा पाठ की। अन्यथा विष्णु ने शादी के लिए प्रस्ताव भेज चुका था। भगवान शंकर ने पार्वती की पूजा पाठ से खुश होकर आशीर्वाद दिया।
पूजा विधि… मौसमी फल,फूल,धूप,दीप अगरबत्ती, नारियल,मेवा गुलाल,चंदन,कलश, पंचामृत, दुग्ध,दही,घी,
एवं मंडप सजाकर विधि विधान से पूजा पाठ कर भगवान शिव जी की कथा श्रवण की गई। 24घंटे निर्जला उपवास रहकर सुबह होते ही सभी पूजा सामग्री को भी नदी में बहा देते है। फलाहार लेकर निर्जला व्रत को तोड़ती है।




