नगरी निकाय अध्यक्ष पद हेतु त्रिकोणीय मुकाबला
नगरी निकाय अध्यक्ष पद हेतु त्रिकोणीय मुकाबला
भाजपा,कांग्रेस एवं निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में



कोरबा- कटघोरा, । नगर पालिका परिषद कटघोरा नगरी निकाय चुनाव हेतु पांच उम्मीदवार मैदान में उतरे हुए है। जिसमें चार राष्ट्रीय पार्टी एवं एक उम्मीदवार उम्मीदवार मैदान में उतरा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी से आत्मा नारायण पटेल ,कांग्रेस पार्टी से राज जायसवाल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से शरद देवांगन ,ऑफ पार्टी से प्रकाश दास महंत एवं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कोमल जायसवाल मैदान में उतरे हुए हैं।
कुल पांच उम्मीदवार अपने भाग्य आजमा रहे हैं ।
जिसमें प्रचार प्रसार और लोगों की रुझान के अनुसार त्रिकोणी मुकाबला संपन्न होने वाला है ।
जिसे भारतीय जनता पार्टी के आत्मा नारायण पटेल, कांग्रेस पार्टी से राज जायसवाल, एवं निर्दल उम्मीदवार कोमल जायसवाल गिलास छाप त्रिकोणीय संघर्ष की संभावना व्यक्त की जा रही है ।
गोंडवाना गण पार्टी एवं आप पार्टी कुछ वोट लेकर सिमटने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
कोमल जायसवाल।कांग्रेस पार्टी के प्रबल दावेदार थे, कोमल को टिकट न देकर कांग्रेस पार्टी से राज जायसवाल को टिकट दे दिया गया। ऐसा हम नही कह रहे हैं ये नगर में चर्चा का विषय है।हालांकि कांग्रेस का दावेदार राज को कम नही आंका जा रहा है,इनके समर्थन में पूरा कांग्रेसी कुनबा पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है। इधर कोमल जायसवाल का पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ना कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति भी मानी जा रही है।निजी सूत्रों का कहना है कि निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल का चुनाव लड़ना कांग्रेस प्रत्याशी को हराना है।
*भाजपा के उम्मीदवार पर आत्मा नारायण पटेल* पर भी भारी पड़ सकते है।आत्मा नारायण पटेल सीधा साधा किसान परिवार से जुड़ा हुआ है।पेशे से वकील भी है। नगरीय निकाय में उपाध्क्छ भी रह चुका हैं इनकी छबि भी अच्छी है।
कोमल के समर्थन में कलार समाज का समर्थन भी है।
इनको अन्य समुदायों साहू,मुस्लिम केवट ब्राम्हण ,पटेल कुछ व्यवसाई वर्ग का भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। एक व्यापारी होने के नाते बाजार में लोगो से इनका व्यवहार ठीक भी है। जिस कारण इनकी लोकप्रियता पूरे नगर में चर्चा भी है।हालांकि पार्टी ने इनको उम्मीदवार तय नही किया लेकिन ये निर्दलीय तौर पर भी किसी से कम नही है।इनके पास कार्यकर्ताओ की बड़ी फ़ौज है।
2025 के नगरीय निकाय चुनाव में प्रत्याशियो को प्रचार प्रसार हेतु बेहद कम समय प्राप्त हुआ है।
ऐसे में उम्मीदवारों के नैया पार कार्यकर्ता ही करा सकेंगे।निर्दलीय उम्मीदवार को जीरो से वोट शुरू करना पड़ेगा परंतु भाजपा एवं कांग्रेस पार्टी को 4000 से ऊपर वोट मानकर चल रहे हैं।लोगो का कहना है कि गोगपा एवं आप पार्टी कुछ वोट पाकर सिमट सकते हैं।
तीनों प्रत्याशियों को कम नही आंका जा रहा है।मुकाबला त्रिकोणीय स्थिति स्थिति दिखाई दे रहा है।कांग्रेस प्रत्याशी राज जायसवाल के लिए निर्दलीय प्रत्याशी कोमल जायसवाल का चुनाव लड़ना बड़ा नुकसान प्रतीत हो रहा है। क्योंकि कोमल कांग्रेसी वोट का सफाया करेंगे। इधर जायसवाल भाजपा समर्थित माना जाता भी है। भाजपा एवं कांग्रेस को भी खतरा है। क्योंकि दोनों का वोट कटने की संभावना है।
इधर नगर में जायसवाल बाहुल्य वर्ग है जायसवाल समाज कास बसे अधिक वोट उन्हीं वर्ग लोगो का है। क्योंकि जायसवाल वर्ग एकजुट होकर समाज को आगे बढ़ाने की बात सोच रहे हे।ऐसे में भाजपा प्रत्याशी को इसका बड़ा नुकसान हो सकता है।
राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशियो को लेकर इनके परिवार में भीतर घात भी जारी है।दोनों ही पार्टियों में प्रत्याशी को लेकर अंदरूनी कलह किसी से छुपी नहीं है, हालांकि इनका परिवार अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन में जरूर जुटा है।ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी को बड़ा लाभ मिल सकता है, नगर में चर्चा है कि निर्दलीय प्रत्याशी का पार्टी से बगावत कर चुनाव लड़ना कांग्रेस प्रत्याशी को नुकसान पहुचाना है।अब मतदाता का क्या निर्णय है यह तो मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।इस बार का चुनाव रोमांचक है।लोगों का कहना है किभा जपा से आत्मा नारायण पटेल, कांग्रेस पार्टी से राज् जायसवाल, एवं निर्दलिय पार्टी से कोमल जायसवाल में त्रिकोणी मुकाबला की संभावना दिखाई दे रही है।

