कोरबा
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अर्जन के बाद भूमि कंपनी की, उसके बाद नामांतरण करना विधि सम्मत नहीं

अर्जन के बाद नामांतरण में भू-स्वामियों को नहीं मिल सकता रोजगार

अर्जन के बाद भूमि कंपनी की, उसके बाद नामांतरण करना विधि सम्मत नहीं


भूविस्थापितों एवं एसईसीएल मुख्यालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक

कोरबा। कुसमुंडा खदान के प्रभावितों की समस्या निराकरण करने भू-विस्थापितों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रबंधन ने कहा कि अवार्ड के बाद नामांतरण हुए भूमि स्वामियों के रोजगार प्रकरण पर कार्रवाई नहीं किया जा सकता। अर्जन के बाद भूमि कंपनी की हो जाती है, उसके बाद नामांतरण करना विधि सम्मत नहीं है। इसी तरह मामला न्यायालय में लंबित होने की वजह से अर्जन के बाद जन्म लिए व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही है।

एसईसीएल महाप्रबंधक कार्यालय कुसमुंडा सभागृह में आयोजित बैठक में सभी समस्याओं को विस्तार से भू- विस्थापित नेता बृजेश श्रीवास ने अधिकारियों के समक्ष रखते हुए। पुराने प्रकरण के निराकरण नहीं होने के संबंध में अधिकारियों को अपनी नाराजगी व्यक्त की। भू-अर्जन के बाद जन्म लिए नामांकित व्यक्ति के रोजगार प्रकरण को पर महाप्रबंधक शरद तिवारी ने कहा कि इस विषय में मुख्यालय स्तर पर अनेक बार बैठक कर निराकरण का प्रयास किया गया है। मामला न्यायालय होने के कारण समस्या का निराकरण निकालने में परेशानी हो रही है। कुछ ग्रामों के पुराने प्रकरणों पर 24 फरवरी को बैठक कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि शासकीय भूमि एवं दूसरे की भूमि पर निर्मित परिसंपत्तियो के बदले पुनर्वास की पात्रता रहेगी, परंतु मुआवजा के साथ सोलिशियम राशि प्रदान नहीं की जाएगी। छोटे खातेदारों को हाईवे रोड में दुकान एवं खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी में काम में रखवाने व अन्य विकल्प के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। ग्राम पडनिया के हीरालाल कंवर एवं प्रताप सिंह कंवर ने भूमि का मुआवजा सभी ग्रामों में समान रूप से प्रदान करने की बात कहते हुए बताया कि ग्राम खोडरी में 16.30 लाख प्रति एकड़ भूमि का मुआवजा राशि दिया गया है, जबकि ग्राम पडनिया, रिसदी एवं सोनपुरी के लिए पुराने दर पर भुगतान करने की कार्रवाई की गई, जो उचित नहीं है। वर्तमान दर से मुआवजा राशि भुगतान किया जाए। भू-विस्थापितों की मांग पर अधिकारियों ने गेट बंद करने का आश्वासन दिया। इस दौरान एसईसीएल मुख्यालय से महाप्रबंधक श्रम शक्ति शशिकिरण, महाप्रबंधक भू- राजस्व शरद तिवारी, प्रबंधक दीपिका वर्मा कुसमुंडा एरिया से महाप्रबंधक संचालन पाटिल, स्टाफ अधिकारी भू- राजस्व एसके वर्मा, एसओपी एनपी राय, महाप्रबंधक सिविल आलोक श्रीवास्तव, प्रबंधक वीरेंद्र कुमार सिंह, प्रबंधक जीएस दुबे, हसन व हरेंद्र सिंह, भू-विस्थापितों की ओर से बृजेश श्रीवास, प्रताप सिंह कंवर सरपंच, हीरालाल कंवर, प्रताप सिंह, सुरभवन सिंह, धरम सिंह, भारत पटेल, रामाधार पटेल, विनोद श्रीवास, पत्थर सिंह, शंकर सिंह, जग सिंह, पतिराम, संतराम, श्याम लाल, हिमांशु, मनोज कुमार व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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