महिलाओं ने हलषष्ठी माता की पूजा कर किया कथा का श्रवण
महिलाओं ने हलषष्ठी माता की पूजा कर किया कथा का श्रवण
महिलाओं ने हलषष्ठी माता की पूजा कर किया कथा का श्रवण
कोरबा- कटघोरा (शिवशंकर जायसवाल की रिपोर्ट): क्षेत्र की महिलाओं ने हलषष्ठी की पूजा पूरे विधि विधान के साथ की। भोले बाबा के इस व्रत में महुआ का फल, छह प्रकार का अन्न के दाने पचहर चावल और मुनगा भाजी तथा भैसा का दूध दही पूजा में ऊपयोग किया जाता है इसके अलावा फल, फुल, घी, नारियल, अगरबत्ती, कुमकुम गुलाल रोली, टीका, रुई, बाती, पूजा अर्चना किए उपयोग होता है। व्रत रहने बाली सुहांगिन महिला एक जगह इकठ्ठा होकर अपने बच्चों की की लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं। पूजा के लिए छोटा तालाब बनाया जाता है। रामशंकर तिवारी महाराज ने महिलाओं को कथा का श्रवण कराया। इस दौरान काफी संख्या में मोहल्ले की महिलाएं कथा श्रवण करने के लिए उपस्थित रही। ग्राम छिर्रा में शिक्षिका हेमलता सिदार के घर के प्रागण में हल षष्ठी का व्रत किया गया। हलषष्ठी व्रत पूजा में दीपिका यादव ,आरती वस्त्रकार, ज्योति वस्त्रकार , सीखा मिश्रा पूनीता श्रीवास, प्रेमा यादव, चंद्रमा जात्रा, अनुराधा, त्रिवेंद्र राजकुमार जात्रा ,प्रिति महंत, पूर्णिमा महंत, धनेश्वरी कंवर अश्वनी वस्त्रकार प्रमुख रूप से उपस्थित रही। शिक्षिका सिदार ने बताया कि इस व्रत को विगत 15 वर्षों से रहते आ रही है। इस व्रत को रखने से धन-धान्य ,पुत्र पति की लंबी आयु, सुख समृद्धि होती है।दीपिका यादव ने भी कहा कि इस व्रत को आठ सालों से रहते आ रही हूं, इस व्रत को रहने से घर में सुखी संपन्न एवं पति बच्चों की लंबी कामना होती है।

