उद्योगपति सही ढंग से करें कमर्शियल माइनिंग, तो विदेश से नहीं मंगाना पड़ेगा कोयला
जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडे से चर्चा
उद्योगपति सही ढंग से करें कमर्शियल माइनिंग, तो विदेश से नहीं मंगाना पड़ेगा कोयला
जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडे से चर्चा

कोरबा : कोयला मजदूर सभा (एचएमएस) के महामंत्री व जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडेय ने खुली खदानों में बढ़ते दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि दुर्घटनाएं रोकने प्रबंधन को ध्यान देते हुए उचित कदम उठाना होगा। ठेकेदारी प्रथा में चल रहे कार्यों पर सही मायने में निरीक्षण करते हुए अपने निजी स्वार्थों को त्याग कर कंपनी के प्रति समर्पण भावना लाए, ताकि कुसमुंडा खदान में हुई दुर्घटना की पुनरावृति न हो सके। उन्होंने कहा कि उद्योगपति टैक्स बचाने कमर्शियल माइनिंग के तहत कोयला उत्पादन कम बताते हैं। उचित ढंग से कोयला उत्पादन कर पावर प्लांट में आपूर्ति करें, तो विदेश से कोयला मंगाने की जरूरत नहीं होगी।
एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में पिछले दिनों हुई दुर्घटना के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे नाथूलाल पांडेय ने अपने आस्ट्रेलिया दौरा के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विदेश में आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के इस्तेमाल से कोयला खनन में दुर्घटना नहीं के बराबर होती है। उसी तर्ज पर कोल इंडिया को भी आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा। इससे बढ़ते दुर्घटनाओं में अंकुश लगाया जा सके और कामगारों के जीवन की रक्षा हो सके। पांडे ने मृतक अधिकारी जितेंद्र विनायक नागरकर के परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कोल इंडिया प्रबंधन से नियमानुसार मुआवजा के अतिरिक्त एक करोड़ रुपए एक्सग्रेशिया के तौर पर देने की मांग की। दशहरा पूर्व कोयला कामगारों को बोनस दिए जाने के संबंध में पांडेय ने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन एकजुट होकर एक लाख से ऊपर की मांग प्रबंधन के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि कोयला कंपनी में कार्यरत कैटेगरी एक (जनरल मजदूर) जिसकी नौकरी छह माह हुई हो या फिर जो व्यक्ति रिटायरमेंट होने वाला हो, बोनस सभी को बराबर दिया जाता है। सीनियर ओवरमैन को भी उतना ही बोनस प्रदान करती है। इस प्रकार के नीति कोई भी शासकीय संस्थान में देखने को नहीं मिलता है। कोयला मजदूर सभा कटिबद्ध है कि इस वर्ष अपने श्रमवीरो को ज्यादा से ज्यादा बोनस दिला सके।

