पेट में त्रिशुल घोंप हत्या करने वाले तीन को आजीवन कारावास
पेट में त्रिशुल घोंप हत्या करने वाले तीन को आजीवन कारावास
पेट में त्रिशुल घोंप हत्या करने वाले तीन को आजीवन कारावास
कोरबा : छट्ठी कार्यक्रम के दौरान शराब पीकर हुए विवाद पर तीन दोस्त ने अपने एक साथी की पिटाई करने के बाद पेट में त्रिशुल घोंप दिया। घटना में गंभीर रूप से घायल की मौत हो गई। विवेचना उपरांत पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई उपरांत प्रथम अपर जिला एवं संत्र न्यायाधीश कटघोरा मधु तिवारी ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामला 24 दिसंबर 2018 की शाम 5:30 बजे ग्राम फर्टीलाईजर बस्ती का है। यहां आदर्श स्कूल के पास महेश चुटैल के घर छट्ठी का कार्यकम आयोजित किया जा रहा था। कार्यक्रम में महेश चुटैल, बच्चू चुटैल तथा चंद्रकेस मेहमान नवाजी कर रहे थे। मेहमान के रूप में दिनेश महतो भी आया हुआ था। बताया जा रहा है कि सभी मेहमान शराब पीने के साथ खाना पीना कर रहे थे। उसी समय महेश चुटैल तथा दिनेश महतो के बीच शराब के नशे में झगड़ा होने लगे। देखते ही देखते दोनों के मध्य झगड़ा ने उग्र रूप धारण कर लिया। घटना के वक्त महेश चुटैल के साथ बच्चू चुटैल तथा चंद्रकेस भी मौजूद थे, उन्होनें महेश चुटैल का साथ दिया। इस बीच पड़ोस में रहने वाले आरती ने दिनेश के घर आ कर बताया कि उसके पापा को कोई मार रहा है।
अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक अशोक कुमार आनंद ने बताया कि तब प्रार्थी अजय महतो ने जब घटनास्थल पर जा कर देखा, तो उसके पिता दिनेश महतो को महेश चुटैल अपने घर के सामने घसीटते हुए लात से मार रहा था तथा गाली गालौच करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा था। वह किसी तरह अपने पिता को छुडाकर घर ले जाने लगा। इतने में महेश अपने घर से पूजा का त्रिशूल लेकर आया और त्रिशुल की नोक से उसके पिता के पेट में घोप दिया और भाग गया।

घटना में दिनेश के पापा को पेट में गहरी चोंट आई। बाद में उसकी मृत्यु हो गई। मामले की रिपोर्ट पर दर्री थाना पुलिस ने महेश चुटैल तथा सह आरोपी बच्चू चुटैल व चंद्रकेस के विरूद्ध धारा 294, 506, 324, 34, 307, 302 कायम कर विवेचना में लिया और आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण प्रथम अपर जिला एवं संत्र न्यायाधीश कटघोरा मधु तिवारी के न्यायालय में चला। जहां न्यायालय ने आरोपित महेश चुटैल, बच्चू चुटैल तथा चंद्रकेस को धारा 302, 34 तथा 506, 294 में दोषी पाते हुए धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा तथा प्रत्येक को तीन- तीन हजार रूपये का अर्थदंड और धारा 506 के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 294 के तहत तीन माह का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक अशोक आनंद ने किया।
