कोरबा

भविष्य निधि जमा न करने पर नियोक्ताओं पर दंडात्मक आरोपों को कम करने का विरोध

भविष्य निधि जमा न करने पर नियोक्ताओं पर दंडात्मक आरोपों को कम करने का विरोध

भविष्य निधि जमा न करने पर नियोक्ताओं पर दंडात्मक आरोपों को कम करने का विरोध

कोरबा : एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष दीपेश मिश्रा ने बताया कि श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के राजपत्र में पांच अधिसूचनाएं फंड योजना, पेंशन योजना, ईडीएलआई योजना प्रकाशित की गई है। इन योजनाओं में योगदान में चूक करने या देरी करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ लगाए गए दंडात्मक आरोपों को कम किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व नियमों अनुसार श्रमिकों के वेतन से काटी गई भविष्य निधि केंद्रीय न्यास बोर्ड में नियत समय में जमा न करने पर नियोक्ताओं के प्रति दंडात्मक आरोपों का प्रविधान था। जिसे केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा चर्चा किए बगैर एवं श्रमिकों को अवगत कराए बिना नियमों में परिवर्तन कर इसे नियोक्ताओं के पक्ष में कर दिया। यह श्रमिकों की भविष्य निधि के साथ खिलवाड़ ही नहीं है, बल्कि उस पैसे को नियोक्ताओं की इच्छा शक्ति पर छोड़ना श्रमिकों की निधि के साथ खिलवाड़ करना है। मिश्रा ने कहा कि आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस एटक मांग करता है कि यहां त्रिपक्षवाद का उल्लंघन हुआ है, इससे श्रमिक जगत में श्रम और रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के प्रति बहुत रोष व्याप्त है। इस अधिसूचना को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।

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