रोजगार समेत अन्य मुद्दों को लेकर भू-विस्थापितों ने सात घंटे बंद रखा कुसमुंडा खदान
बैठे धरने पर, 24 को काम मिलने पर खत्म हुआ आंदोलन
रोजगार समेत अन्य मुद्दों को लेकर भू-विस्थापितों ने सात घंटे बंद रखा कुसमुंडा खदान
बैठे धरने पर, 24 को काम मिलने पर खत्म हुआ आंदोलन

कोरबा : एसईसीएल की कुसमुंडा खदान में नियोजित ठेका कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने, पेयजल, शिक्षा समेत अन्य मुद्दों को लेकर प्रभावितों ने काम बंद करा धरना में बैठ गए। सात घंटे तक चले आंदोलन के बाद प्रबंधन ने 24 लोगों को काम पर रखने का आदेश दिया। साथ ही अन्य मुद्दों पर शुक्रवार को वार्ता कर निराकरण करने का आश्वासन दिया, तब आंदोलन समाप्त हुआ।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की खदान में नियोजित ठेका कंपनियों द्वारा बाहर से मजदूर लाकर काम पर रखा जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। गुरूवार को कुसमुंडा खदान के प्रभावितों ने मोर्चा खोलते हुए सतर्कता चौक में जाकर धरना में बैठ गए। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सुबह नौ बजे से धरना शुरू होने पर खदान में कोयला परिवहन व मिट्टी निकासी का काम रूक गया। सभी भारी वाहनों के पहिए थम गए और कतार लग गई। इससे प्रबंधन की चिंता बढ़ गई। हालांकि प्रबंधन ने पहले आंदोलन टालने का काफी प्रयास किया, पर समस्या का निराकरण नहीं करने पर सफलता नहीं मिल सकी। गुरुवार को दिन भर चले आंदोलन के बाद आखिरकार प्रबंधन को स्थल पर आकर वार्ता करना पड़ा। चर्चा के दौरान प्रबंधन ने ठेका कंपनियों में 24 लोगों को रोजगार देने का आश्वासन देते हुए काम पर रखने कहा है। इसके साथ ही अन्य बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को शाम पांच बजे बैठक आयोजित करने की बात कही। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त किया। आंदोलन की वजह से खदान में दिनभर कामकाज नहीं हो सका। आंदोलनकारियों ने कहा है कि शुक्रवार की बैठक में अन्य बिंदुओं पर चर्चा कर निराकरण नहीं किया जाता है तो पुन: खदान बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रमुख मांगे
0 पेयजल की समस्या दूर करने।
0 वर्ष 2009-10 में लगाए गए स्टे को हटाए अन्यथा प्रत्येक छोटे बटे बड़े खातेदार किसानों को परिवार भरण पोषण के लिए तीन हजार रुपये प्रतिमाह प्रदान करें।
0 सभी ठेका काम में 100 प्रतिशत भू विस्थापित बेरोजगार को रोजगार प्रदान करने।
0 भू- विस्थापित खदान प्रभावित क्षेत्र की ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा के लिए एंबुलेंस की सुविधा प्रदान करने।
0 भू- विस्थापित किसान के बच्चों को डीएवी एवं केंद्रीय विद्यालय कुसमुंडा में शिक्षा के लिए प्राथमिकता देने।
0 कोरबा शहर में पढ़ने वाले बच्चों को गांव से शहर तक आने जाने के लिए बस की सुविधा प्रदान करने।
