रोजगार देने की मांग को लेकर भू-विस्थापितों जीएम कार्यालय का किया घेराव
जल्द समस्या निराकरण के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
रोजगार देने की मांग को लेकर भू-विस्थापितों जीएम कार्यालय का किया घेराव
0 जल्द समस्या निराकरण के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
कोरबा । लंबित रोजगार की प्रकरणों का निराकरण कर सभी खातेदारों को रोजगार देने की मांग को लेकर भू-विस्थापितों ने एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक का घेराव प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एक घंटे चले प्रदर्शन के बाद एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक ने प्रतिनिधि मंडल से चर्चा कर समस्या जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया। कुसमुंडा मुख्यालय के सामने भू- विस्थापित रोजगार एकता संघ के बेनर तले छत्तीसगढ़ किसान सभा के सहयोग से जमीन के बदले रोजगार की मांग को लेकर 889 दिन से धरना दे रहे हैं। विस्थापित इस बार रोजगार मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात पर अड़े हुए हैं। मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 15 दिनों बाद खदान बंद किया जाएगा। सोमवार को भू-विस्थापितों ने छत्तीसगढ़ किसान सभा की अगुवाई में एसईसीएल कुसमुंडा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया गया। बाद में प्रबंधन के साथ हुई बैठक में किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर और प्रशांत झा ने कहा कि सभी भू- विस्थापित किसानों जिनकी जमीन अधिग्रहण किया गया है, उन सभी खाते पर भू विस्थापितों को स्थाई रोजगार एसईसीएल को देना होगा। पुनर्वास और रोजगार के लिए भू- विस्थापित परिवार अभी भी भटक रहे हैं। इस मौके पर भू- विस्थापित रोजगार एकता संघ के दामोदर श्याम, रेशम यादव, रघु यादव, सुमेंद्र सिंह कंवर, बृजमोहन ने कहा कि वर्ष 1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए जमीन को अधिग्रहित किया गया है लेकिन अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया और ना ही पुनर्वास।लंबित रोजगार प्रकरणों में रोजगार के संबंध में एसईसीएल के स्टाफ आफिसर ने कहा कि प्रत्येक खातेदारों को रोजगार देने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। छह भू- विस्थापितों का फाइल तीन दिन में बिलासपुर मुख्यालय भेज दिया जाएगा। इस दौरान जय कौशिक, अमृत बाई,अनिल बिंझवार, रघुनंदन, कृष्ण कुमार, नरेन्द्र, होरीलाल, अनिरुद्ध, हरिशरण, डूमन,उत्तम, जितेंद्र, गणेश, मानिक दास के साथ बड़ी संख्या में भू विस्थापित उपस्थित रहे। लंबित रोजगार प्रकरणों में रोजगार देने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। इस दौरान भू-विस्थापितों ने कहा कि 15 दिनों में रोजगार देने को लेकर उचित कार्रवाई नहीं होने पर खदान को बंद किया जाएगा।
