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नरेश देवांगन ने कांग्रेस छोड़ी , शामिल हुए भाजपा में

नरेश देवांगन ने कांग्रेस छोड़ी , शामिल हुए भाजपा में

  • नरेश देवांगन ने कांग्रेस छोड़ी , शामिल हुए भाजपा में

कोरबा। कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा अंतर्गत छुरी के निवासी व प्रतिष्ठित व्यवसायी तथा कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं में शुमार रहे नरेश देवांगन ने अंतत: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया है। पिछले दिनों भाजपा प्रत्याशी सरोज पांडेय और उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान उपस्थित लोगों के समक्ष नरेश देवांगन ने सरोज पांडेय को समर्थन देते हुए भाजपा में जाने का निर्णय लिया। सरोज पांडेय ने नरेश देवांगन को भाजपा में प्रवेश कराया है।

यह सारा राजनीतिक घटनाक्रम व अन्य कांग्रेसी नेताओं को इसकी जानकारी भी नहीं लग पाई। बता दें की कांग्रेसियों के भारतीय जनता पार्टी में ऐन चुनाव के वक्त प्रवेश को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है। पाली में हुए घटनाक्रम से भाजपा ने सबक ली है। इसके बाद कुसमुंडा में करीब 1200 लोगों का होने वाला भाजपा प्रवेश रद्द करना पड़ा। कटघोरा विधानसभा के कांग्रेस नेताओं के प्रवेश को लेकर एक बड़े कार्यक्रम की रूपरेखा अंदरूनी तौर पर तैयार की जा रही थी लेकिन जगह-जगह पर भाजपाईयों के द्वारा ही कथित कांग्रेसियों के प्रवेश को लेकर शुरू होने वाले विवादों के मद्देनजर भाजपा ने फूंक-फूंक कर कदम रखने की ठानी है। नरेश देवांगन का बिना किसी ताम झाम के और बड़े ही गोपनीय तरीके से भाजपा में प्रवेश होना इसका एक हिस्सा है।
सूत्र बताते हैं कि नरेश देवांगन पिछले दिनों कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के भारत जोड़ो न्याय यात्रा में कोरबा प्रवास के दौरान उनके निवास स्थान अथवा प्रतिष्ठान के समक्ष स्वागत सत्कार के लिए नहीं रुकने के कारण नाराज चल रहे हैं। उनकी यह नाराजगी और संगठन में घट रही पूछ परख ने काफी आहत किया और कांग्रेस छोड़ने का निर्णय उन्होंने लिया।
सूत्रों के मुताबिक कटघोरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कटघोरा शहर व छुरीकला नगर पंचायत क्षेत्र से कुछ और बड़े कांग्रेसियों के नाम सामने आ रहे थे जो भाजपा में जाने को तत्पर रहे लेकिन कानों कान खबर है कि डैमेज कंट्रोल करने में कांग्रेस के नेता सफल रहे हैं। ऐसे नाराज व असंतुष्ट नेताओं को मनाने का काम हो चुका है और वह फिलहाल कांग्रेस से प्रति अपनी निष्ठा जाहिर किए हुए हैं। अब देखना यह है कि पूरे चुनाव तक यह निष्ठा कायम रहती है या इनकी नाराजगी को फिर से हवा देकर सत्ता की लहर में कदम डगमगाने के लिए विवश कर दिया जाएगा…?

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