8.25 लाख टन प्रतिदिन कोयला निकालने पर मिलेगा 1970 लाख टन का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही खत्म, अब तक हुआ 1231.2 लाख टन उत्पादन
8.25 लाख टन प्रतिदिन कोयला निकालने पर मिलेगा 1970 लाख टन का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही खत्म, अब तक हुआ 1231.2 लाख टन उत्पादन
कोरबा। एसईसीएल के समक्ष 90 दिन में 738.8 लाख टन कोयला उत्पादन करने की सबसे बड़ी चुनौती है। इसे हासिल करने के लिए कंपनी को प्रतिदिन 8.25 लाख टन कोयला निकालना होगा। वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही तक कंपनी 1231.2 लाख टन ही कोयला उत्पादन कर सकी है।
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) से संबद्ध एसईसीएल को चालू वित्तीय वर्ष में पहले 2000 लाख टन कोयला निकालने का लक्ष्य दिया गया था। कंपनी ने नए लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर रही थी, पर कतिपय कारणों से पिछड़ गई। हालांकि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी 90 दिन का वक्त शेष बचा है। इसके बावजूद कंपनी अपनिे लक्ष्य का हासिल कर सके, यह एक बड़ी चुनौती कंपनी के समक्ष है। इधर कोल इंडिया ने कंपनी का उत्पादन लक्ष्य घटा कर 1970 लाख टन कर दिया है। एसईसीएल अब इस घटे हुए लक्ष्य को हासिल करने संघर्ष कर रही है। दिसंबर 2023 तक खत्म हुई तीसरी तिमाही तक एसईसीएल ने 1231.2 लाख टन कोयला निकाला है। इसमें कोरबा जिले में स्थित मेगा परियोजना गेवरा, दीपका, कुसमुंडा व कोरबा एरिया का अहम योगदान है। कंपनी से जुड़े जानकारों का कहना है कि लक्ष्य हासिल करने के लिए कंपनी ने अभी उत्पादन बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसके लिए प्रतिदिन 8.25 लाख टन से भी अधिक कोयला निकालना होगा, तभी कंपनी अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकेगी। इस बीच कंपनी को आंदोलनकारियों से भी जूझना होगा। यदि किसी तरह की दिक्कत नहीं आई और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कोयला निकाला गया, तो निश्चित ही कंपनी इस बार अपना लक्ष्य पूरा कर लेगी। यहां बताना होगा कि एसईसीएल अभी भी कोल इंडिया में दूसरे क्रम पर है और पहले क्रम में महानदी कोलफिल़्डस लिमिटेड (एमसीएल) काबिज है।
कोल इंडिया में हुआ 531.99 मिलियन टन उत्पादन
कोल इंडिया लिमिटे़ड (सीआइएल) के समक्ष चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में 780 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का लक्ष्य है। इसके एवज में सीआइएल ने चालू वित्तीय वर्ष की तीन तिमाही खत्म होने के बाद 531.89 मिलियन टन कोयला निकाल चुकी है। शेष 90 दिन में 248.01 मिलियन टन कोयला निकालना होगा। कंपनी से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस वर्ष कंपनी अपने लक्ष्य के करीब अवश्य पहुंच जाएगी, क्योंकि अब केवल कोयला निकालना ही प्रबंधन का टारगेट रह गया है।
प्रेषण में एमसीएल से 140 टन पीछे
एसईसीएल ने चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही खत्म होने तक 1324 लाख टन कोयला का प्रेषण (डिस्पैच) किया जा चुका है। यह आंकड़ा एमसीएल से लगभग 140 टन पीछे है। उधर सीआइएल ने तीन तिमाही में 5522.8 लाख टन कोल डिस्पैच किया है। वहीं सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) ने अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि में 496.6 लाख टन कोयला उत्पादन दर्ज किया है। एससीसीएल का कोयला प्रेषण 510.2 लाख टन रहा।
कहां कितना उत्पादन (अप्रैल- दिसंबर की अवधि में)
कंपनी – उत्पादन – प्रेषण (लाख टन में)
बीसीसीएल- 298.3 -292.5
सीसीएल- 557.7 – 607.8
ईसीएल- 300.1 – 290.0
एमसीएल- 1455.4 – 1457.5
एनसीएल- 1039.0 – 1051.6
एसईसीएल- 1231.2 – 1324.0
डब्ल्यूसीएल- 435.9 – 498.5
एनईसी- 01.2 – 00.9
कुल- 5318.9 – 5522.8


