खदानों का विस्तार व पर्यावरण संरक्षण के उपायों की समीक्षा केंद्रीय कोल कमेटी ने तीन मेगा कोयला परियोजनाओं का किया निरीक्षण
खदानों का विस्तार व पर्यावरण संरक्षण के उपायों की समीक्षा केंद्रीय कोल कमेटी ने तीन मेगा कोयला परियोजनाओं का किया निरीक्षण
खदानों का विस्तार व पर्यावरण संरक्षण के उपायों की समीक्षा
केंद्रीय कोल कमेटी ने तीन मेगा कोयला परियोजनाओं का किया निरीक्षण

कोरबा : एसईसीएल दौरे पर आए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ईएसी (कोल) कमेटी के सदस्यों ने तीन मेगा परियोजनाओं गेवरा, दीपका व कुसमुंडा व कोरबा क्षेत्र की समीक्षा की। इस दौरान परियोजनाओं की विस्तार योजना के बारे में चर्चा की गई एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जाने वाले उपायों की भी समीक्षा की गई। सदस्यों ने गेवरा खदान में रात्रि में लाइटिंग व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ईएसी (कोल) कमेटी के सदस्यडा शरद सिंह नेगी, आईएफ़एस रिटायर, चेयरमैन, ईएसी (कोल), प्रोफेसर श्याम शंकर सिंह सदस्य ईएसी (कोल), अमित वशिष्ठ सदस्य सचिव, ईएसी (कोल) एवं डा पसुपाला रवि, वैज्ञानिक डी, आइआरओ, रायपुर एसईसीएल के प्रवास पर हैं। मुख्यालय में आला अफसरों से चर्चा करने के बाद सभी सदस्य गुरूवार को सीएमडी डा प्रेम सागर मिश्रा की उपस्थिति में गेवरा क्षेत्र अंतर्गत गेवरा हाउस में बैठक कर कामकाज की समीक्षा किए। इस दौरान परियोजनाओं के विस्तार योजना के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को लेकर किए जाने वाले उपायों की भी समीक्षा की गई। बैठक में तीनों मेगा परियोजनाओं के महाप्रबंधक एसके मोहंती, क्षेत्रीय महाप्रबंधक गेवरा, अमित सक्सेना क्षेत्रीय महाप्रबंधक दीपका, राजीव सिंह क्षेत्रीय महाप्रबंधक कुसमुंडा तथा दीपक पंडया क्षेत्रीय महाप्रबंधक कोरबा एवं एसईसीएल मुख्यालय से बीके जेना महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष पर्यावरण एवं वन उपस्थित रहे। कमेटी के सभी सदस्यों एवं सीएमडी डा प्रेम सागर मिश्रा ने गेवरा हाउस प्रांगण में पौधारोपण भी किया। गेवरा हाउस में बैठक करने के बाद ईएसी (कोल) कमेटी के सदस्यों ने कुसमुंडा खदान का दौरा किया। यहां खदान में नीचे उतरकर खनन गतिविधियों की जानकारी ली, साथ ही कोर टीम से चर्चा कर खदान की विस्तार योजना एवं पौधरोपण सहित पर्यावरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की। कुसमुंडा खदान के दौरे के पश्चात ईएसी कमेटी के सदस्यों ने गेवरा खदान में रात्रि में लाइटिंग व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
