संस्कार भारती इकाई द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया

कटघोरा (शिवशंकर जायसवाल) संस्कार भारती के पूर्णिमा उत्सव का भव्य आयोजन रविवार को मां गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संगीत कला गुरु शिवपाल निषाद को उनके गुरु शिष्य परंपरा के निर्वहन के लिए उनका शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह तथा सम्मान पत्र प्रदान कर उनका सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का आरंभ मां गायत्री और भगवान नटराज की कांस्य प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया। सभी आमंत्रित अतिथियों तथा कार्यकताओं का तिलक रोली से स्वागत किया गया।संस्कार भारती के ध्येय गीत के गायन के पश्चात संस्कार संयोजक श्रीमती हेमलता सिदार ने स्वागत उद्बोधन ने गुरु पूर्णिमा के महत्व एवं गुरु शिष्य परंपरा के बारे में बताते हुए सभी सदस्यों का स्वागत किया। शिव दुबे ने शिवपाल निषाद का परिचय देकर इनकी कला साधना यात्रा को सबके सम्मुख रखा। जे एस मानसर संस्कार भारती के उद्देश्य कथन तथा विभिन्न कार्यक्रमो की जानकारी दी। संस्कार भारती के संरक्षकद्वय राजपुरोहित मुरारीलाल त्रिपाठी महाराज कथा गोपाल मल्टी सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर गोपाल बन गोस्वामी द्वारा अपने उद्बोधन में कला गुरु शिवपाल निषाद तथा संस्कार भारती के सांस्कृतिक क्षेत्र में यह योगदान की सराहना की। त्रिपाठी ने संगीत को नादब्रह्म की साधना बताकर इनके साधकों को प्रणाम योग्य बताया। तत्पशचात कला गुरु शिवपाल निषाद तथा उनके शिष्य की युगल प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। उपस्थित कला गुरु तथा अतिथियों के प्रति आभार तथा कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के संयोजक संतोष साहू संस्कार भारती के विभिन्न उत्सवों में इसी प्रकार सहयोग करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर राज यादव, कन्हैया यादव, अशोक साहू, देवव्रत देव, अभिषेक सोनी, विष्णु शर्मा , पारसनाथ योगी उपस्थित रहे।




