*कटघोरा: ग्राम पंचायत धावईपुर के निवासी राम प्रसाद कोर्राम परिवार में 6 बार सरपंच एवं 4 बार निर्वाचित हुए जनपद सदस्य

*कोरबा/कटघोरा:( सत्यम जायसवाल एवं कमल दास )* त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव में ग्राम पंचायत धंवईपुर के कोर्राम परिवार ने सरपंच व जनपद सदस्य के पद पर काबिज होकर लगातार 6 बार सरपंच तो 4 बार जनपद सदस्य चुनाव जीतने का रिकार्ड बनाया है। क्षेत्र की जनता भी कोर्राम परिवार पर हमेशा से भरोसा करते आ रही है और उन्होंने स्पष्ट संदेश दे दिया कि उन्हें विकास, सुशासन और जनसेवा के लिए प्रतिबद्ध नेतृत्व चाहिए। जिसके तहत उन्होंने कोर्राम परिवार को जनप्रतिनिधि के रूप में लगातार स्वीकार किया है।
जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम पंचायत धंवईपुर में निवासरत कोर्राम परिवार की छवि एक सफल जनप्रतिनिधि और संघर्षशील नेता व जन हितैषी की रही है। लगभग 25- 30 वर्षों से पंचायत व जनपद क्षेत्र से जनप्रतिनिधि के रूप में गांव- ग्रामीणों को समृद्ध बनाने और लोगों के हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े रहते चले आ रहे है। बीते सम्पन्न चुनाव भी कोर्राम परिवार की शारदा देवी सरपंच और उनकी पुत्री श्रद्धा कोर्राम क्षेत्र क्रमांक- 01 से जनपद सदस्य पद पर चुनाव लड़ी, जिन्हें मतदाताओं ने वर्चस्व दिलाया। चुनाव प्रचार के दौरान क्षेत्र की जनता को यह महसूस हुआ कि यह केवल कोर्राम परिवार का चुनाव नही, बल्कि उनकी लड़ाई है और ग्राम क्षेत्र की जनता ने अपनी आवाज के रूप में उन्हें अपने हृदय से अपनाया।
*पूरे किए जाएंगे सभी वादे- शारदा कोर्राम*
ग्राम पंचायत धंवईपुर में सरपंच का चुनाव जीती श्रीमती शारदा देवी कोर्राम ने अपनी जीत को लेकर कहा कि जिस प्रकार गांव की देवतुल्य जनता हम पर भरोसा जताती आ रही है, मैं वादा करती हूं की उनकी आवाज कभी दबने नही दूंगी। मेरी हर प्रयास होगी कि गांव में बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो, लोगों को सभी योजनाओं का लाभ मिले, युवाओं के लिए स्वरोजगार और शिक्षा के अवसर सुलभ हो, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाएं उन तक पहुँचे और गरीबों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किये जाएंगे। यह जीत मेरे लिए केवल एक पद नही, बल्कि एक जिम्मेदारी है। मैं हर समस्या का समाधान निकालने के लिए सदैव तत्पर रहूंगी। जनता का यह अपार स्नेह और समर्थन मेरी ताकत है, और मैं इस विश्वास को कभी टूटने नही दूंगी। विकास , सुशासन और पारदर्शिता के साथ मैं अपनी जनता के साथ खड़ी हूँ और आपके सहयोग से गांव को समृद्धि व उन्नति की ऊंचाइयों तक ले जाने प्रयत्नशील रहूंगी।
*क्षेत्र का विकास करना मेरी प्राथमिकता- श्रद्धा कोर्राम*
ग्रेजुएशन की छात्रा एवं कोर्राम परिवार की लाडली पुत्री श्रद्धा कोर्राम क्षेत्र क्रमांक- 01 से जनपद सदस्य के रूप में ऐतिहासिक मतों से जीत हासिल की है, और उनका कहना है कि यह जीत केवल मेरी नही, यह जीत क्षेत्र क्रमांक- 01 के धंवईपुर, जेंजरा, हुंकरा की जनता की है। यह जीत उन सभी कार्यकर्ताओं की है जिन्होंने दिन- रात परिश्रम किया है। यह जीत उन सपनों की जीत है जो हमने क्षेत्र के विकास के लिए देखें है। जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे चुना है, मैं उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगी। मेरा लक्ष्य है कि क्षेत्र के हर गांव, हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुँचे। किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के हर वर्ग के उत्थान हेतु मैं समर्पित रहूंगी।
*कोर्राम परिवार की जीत का श्रेय जनता जनार्दन को- रामप्रसाद कोर्राम*
धंवईपुर के कोर्राम परिवार से रामप्रसाद कोर्राम विगत वर्ष 2000 में निर्वाचित होकर महज 21 साल की आयु में प्रथम बार सरपंच पद पर आसीन हुए। तब यह ग्राम उपेक्षाओं से घिरा था। रामप्रसाद ने अपने कार्यकाल में अथक प्रयास से गांव की बुनियादी समस्याओं को दूर करते हुए पंचायत के स्तर में बदलाव लाया। दूसरी बारी में उनकी माता तिलमत बाई तो तीसरे बार पुनः रामप्रसाद और चौथे बारी से उनकी पत्नी श्रीमती शारदा देवी गांव के सरपंची की जिम्मेदारी सम्हालते हुए इस चुनाव पुनः जीत दर्ज की है। वही उनकी पुत्री श्रद्धा कोर्राम भी जनपद सदस्य के पद पर बाजी मारी है। ऐसे में कोर्राम परिवार ने लगातार 6 बार सरपंच और 4 बार जनपद सदस्य निर्वाचित होने का कटघोरा विकासखण्ड में रिकार्ड बनाया है। रामप्रसाद कोर्राम सरपंच रहने के बाद जनपद सदस्य का चुनाव जीत जनपद पंचायत कटघोरा के उपाध्यक्ष भी रह चुके है तथा विगत 2003 से भाजपा के सक्रिय सदस्यता लेकर पार्टी के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हुए वर्तमान,,,,है। उन्होंने परिवार की जीत को लेकर जनता का आभार जताते हुए कहा है कि क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद हम पर बना हुआ है और हम भी क्षेत्र की जनता के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते है। क्षेत्र के लोगों के हर एक सुख दुख में हमारी भागीदारी रहती है, जो न केवल उनकी समस्याओं को समझे बल्कि उनके समाधान और समृद्ध के लिए भी दिन- रात समर्पित रहें। इसीलिए लोगों का लगातार समर्थम हमे मिलता आ रहा है।




