समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बंद कराएंगे दीपका खदान
0 कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने खदान क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्राम अमगांव व मलगांव पहुंचकर समस्याओं को जाना
समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बंद कराएंगे दीपका खदान
0 कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने खदान क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्राम अमगांव व मलगांव पहुंचकर समस्याओं को जाना
कोरबा : साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम अमगांव और मलगांव के प्रभावितों की मुआवजा और अन्य समस्याओं का समाधान नहीं होने से भू- विस्थापितों में नाराजगी व्याप्त है। विधायक प्रेमचंद पटेल ने दोनों गांव का दौरा कर लोगों से मुलाकात कर समस्याएं सुनी। ग्रामवासियों ने मुआवजा में कटौती, सही मूल्यांकन नहीं करने और अन्य समस्याओं को रखा। साथ ही आवास क्षेत्र के निकट तक खदान लाने और ब्लास्टिंग किए जाने के संबंध में जानकारी दी। विधायक पटेल ने कहा कि पत्राचार के बाद समस्या का समाधान नहीं होता है तो खदान बंद कराया जाएगा।
भू- विस्थापितों की ओर से रोजगार, मुआवजा और बसाहट की समस्याओं को लेकर परेशानी को ध्यान में रखते हुए ऊर्जाधानी भू- विस्थापित किसान कल्याण समिति ने विधायक पटेल को अवगत कराया था। इस पर सोमवार को विधायक पटेल मलगांव व अमगांववासियों से मिलने के साथ ही खदान क्षेत्र का दौरा किया। खनन क्षेत्र का निरीक्षण बाद लोगों मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही। समिति ने विधायक को मौके पर ले जाकर दिखाया कि किस तरह गांव के मकानों से 15 मीटर दूरी में खनन किया जा रहा है और इसके लिए विस्फोटक का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दीपका परियोजना से प्रभावित ग्राम मलगांव की परिसंपत्तियों का मुआवजा का मामला विवादित है। यहां पर जबरदस्ती मकान खाली कराने के लिए कई हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। दूसरी ओर एसईसीएल गेवरा क्षेत्र में अर्जित ग्राम अमगांव के आश्रित मोहल्ला दर्राखांचा के मकानों का नापी पूर्ण किया जा चुका है किंतु नापी का मूल्यांकन पावती देने में आनाकानी किया जा रहा है।
10 साल से लटका जोकाही डबरी का मुआवजा
ग्राम पंचायत अमगांव के एक मोहल्ला जोकाही डबरी के मकानों का वर्ष 2014- 15 में मूल्यांकन किया गया था, इसका राजस्व विभाग द्वारा बेवजह अपात्र घोषित कर दिए जाने का खामियाजा भुगत रहे भू- विस्थापितों को अभी तक मुआवजा का भुगतान नहीं हो पाया है। यहां के 93 लोगों की मुआवजा लंबित है और प्रबंधन व प्रशासन एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं। विधायक पटेल दुर्घटना में दिव्यांग हुए हरिश्चंद्र महिलांगे नामक ग्रामीण के घर भी गए। जहां उनकी समस्या सुनने के बाद आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ निराकरण कराने का प्रयास एसईसीएल प्रबंधन से किया जाएगा।
