खदान दुर्घटना में मृत कर्मी के आश्रितों को नौकरी नहीं मिलने पर एटक ने जताया विरोध
खदान दुर्घटना में मृत कर्मी के आश्रितों को नौकरी नहीं मिलने पर एटक ने जताया विरोध
खदान दुर्घटना में मृत कर्मी के आश्रितों को नौकरी नहीं मिलने पर एटक ने जताया विरोध
कोरबा : एसईसीेएल कोरबा क्षेत्र अंतर्गत सुराकछार तीन- चार नंबर में तीन वर्ष पहले हुई दुर्घटना में मृत कर्मी के आश्रित को अब तक नौकरी नहीं दी गई। वहीं मामले में प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए ओवहरमैन को जिम्मेदार बताया। इस पर एटक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर मृतक कर्मी के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाती है, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगा। एटक के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष दीपेश मिश्रा ने बताया कि सुराकछार के तीन- चार खदान में 27 नवंबर 2021 को रात पाली में प्रबंधन के लापरवाही के चलते खदान में दुर्घटना हुई और डीलर पद पर कार्यरत राम चरण की मौत हो गई थी। इस मामले मे प्रबंधन ने अपने आपको बचाने के लिए विरेंद्र कुमार पटेल,वरिष्ठ ओभरमेन जो कि वैधानिक स्वीकृत छुट्टी लेकर बाहर गया था उसे एसोसिएशन के एक पदाधिकारी से मिलीभगत करके फंसा दिया। इतना ही नहीं सुराकछार प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों से गठजोड़ कर जांच कार्रवाई करते हुए विरेंद्र कुमार पटेल को दुर्घटना का दोषी बना दिया, जबकि वीरेंद्र ड्यूटी में था ही नहीं। मिश्रा ने कहा कि प्रबंधन की लापरवाही की वजह से स्व राम चरण की मौत हुई। वहीं राम चरण के आश्रित को सही कागजात प्रस्तुत नहीं करने का बहाना बनाते हुए आश्रित रोजगार नहीं दिया। स्व राम चरण के सेवा अभिलेख में उसके पुत्र का नाम दर्ज नहीं होने की बात कह आश्रित रोजगार से पूरी तरह वंचित कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के कृत्य का एटक निंदा करता है। साथ ही महाप्रबंधक कोरबा से मांग की है कि सुराकछार प्रबंधन के लापरवाही के चलते राम चरण की मौत हुई है, उसका निष्पक्ष न्यायिक जांच करा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई किया जाए। साथ ही 15 दिन के अंदर स्व राम चरण के आश्रित पुत्र को बैक डेट से नियुक्ति पत्र दिया जाए अन्यथा एटक संगठन सीधी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होगा।
