फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा नहीं मिलने पर जीएम कार्यालय का करेंगे घेराव
एसईसीएल के महाप्रबंधक को थमाया पत्र
फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा नहीं मिलने पर जीएम कार्यालय का करेंगे घेराव
0 एसईसीएल के महाप्रबंधक को थमाया पत्र
कोरबा। एसईसीएल की बल्गी- सुराकछार भूमिगत खदान के भू-धसान से प्रभावित किसानों को तीन वर्षों से फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे नाराज प्रभावित किसानों ने महाप्रबंधक को पत्र सौंप कर मुआवजा नहीं मिलने पर मुख्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्डस लिमिटेड (एसईसीएल) कोरबा क्षेत्र की भूमिगत बलगी- सुराकछार के प्रभावित किसानों को प्रतिवर्ष फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा प्रदान किया जाता है, पर पिछले तीन वर्ष से प्रबंधन ने यह राशि प्रदान नहीं की। इससे प्रभावित किसानों में नाराजगी व्याप्त है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और छत्तीसगढ़ किसान सभा के साथ बैठक कर रूपेरखा तैयार की। तदुपरांत माकपा की अगुवाई में एसईसीएल कोरबा महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। इसमें दो जनवरी तक मांग पूरी नहीं होने पर कोरबा मुख्यालय घेराव करने की चेतावनी दी है। इस दौरान माकपा जिला सचिव प्रशांत झा, किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू के साथ प्रभावित किसान महिपाल सिंह कंवर,गणेश राम चौहान उपस्थित रहे। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा और छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिला अध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर ने बताया कि बल्गी सुराकछार खदान के भू-धसान के कारण सुराकछार बस्ती के किसानों की भूमि वर्ष 2009 से कृषि कार्य करने योग्य नहीं रह गई है। इससे किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए वर्ष 2019-20 तक का फसल क्षतिपूर्ति व मुआवजा एसईसीएल प्रबंधन को देना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2020-21 से वर्ष 2022-23 तक का तीन वर्षों का मुआवजा अभी तक लंबित है। अनुविभागीय अधिकारी कटघोरा द्वारा किसानों को हुए नुकसान का आंकलन कर क्षतिपूर्ति व मुआवजा देने के लिए एसईसीएल कोरबा प्रबंधन को पत्र देने के बाद भी किसानों की समस्याओं के प्रति एसईसीएल की उदासीनता और उसकी वादाखिलाफी के खिलाफ किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों की बैठक सुराकछार बस्ती में हुई। इसमें काफी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित और दो जनवरी को एसईसीएल कोरबा मुख्यालय का घेराव करने की रूपरेखा बनाई है।
