केपीएस स्कूल में मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से बच्चों को अतिरिक्त ज्ञान बटोरना है – प्राचार्य मुक्ता जायसवाल

कटघोरा (सत्यम जायसवाल )कलचुरी पब्लिक स्कूल कटघोरा में अवकाश के दिनों के लिए सभी बच्चों को मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के माध्यम से बच्चों को होम वर्क दिया जाता है ताकि बच्चे खेल खेल के माध्यम से संबंधित विषय को जल्दी सीख सके।
बच्चों को मॉडल प्रोजेक्ट बनाने के लिए दिया जाता है और उसी के मॉडल रिपोर्ट तैयार कर स्कूल आते है और क्लास मे जाकर विस्तार से समझते हैं, जिसे बच्चों को एक ही बार में संबंधित विषय याद हो जाता है । इस संबंध में प्राचार्य मुक्ता जायसवाल ने चर्चा के दौरान कहा कि हमारे स्कूल में अभी तक लंबे समय से इस पद्धति से छात्र/छात्राओं को पढ़ाया जाता है , क्योंकि मेरे अनुसार वैदिक शिक्षा प्रणाली से मॉडल प्रोजेक्ट की पढ़ाई कुछ कुछ मिलता जुलता है । बच्चों इस माध्यम से ज्ञान बटोर रहे है।
मॉडल प्रोजेक्ट विषय से कमजोर से कमजोर बच्चों को उसका विषय याद हो जाता है।
हाफिजा परवीन एवं शालू शालू मैडम का कहना है कि मॉडल प्रोजेक्ट माध्यम से बच्चे जल्दी से जाते हैं उन्हें याद भी हो जाता है हालांकि पेरेंट्स को अतिरिक्त बोझ लगता होगा परंतु इससे अच्छा उपाय और नहीं नहीं हो सकता ।
नेहा प्रजापति ने
कहा कि मॉडल प्रॉजेक्ट के माध्यम से
सस्ता सुविधा एवं खेल के माध्यम से सीख रहे है।
रहे है।
जैसे वैष्णवी राजपूत को जल चक्र मॉडल रिपोर्ट मिला । कागज और गद्दे से से पूरे जल चक्र बनाई की बारिश का पानी गिरता है और कहा जाता है।
वारिश का पानी गिरकर नदी, नालो के माध्यम से समुद्र में जाकर विलीन हो जाता है। और गर्मी के दिनों में तेज गर्मी पड़ने के कारण समुद्र का पानी भाप बनकर उड़ जाता है। और वाष्प ऊपर जाकर बादल का रूप ले लेता है। वही वाष्प फिर पानी बनकर गिरता है। इस प्रकार जल चक्र समझने के लिए आसान हो गया। कुदसिया
फातिमा – एक वचन बहुवचन , खुशी राजपूत – अपोजिट वर्ड , पीयूष बघेल – प्रकाश संश्लेषण , निशा महंत – संज्ञा प्रियांशु – वाटर हार्वेस्टिंग ,
काव्या कुर्रे – सेंस ऑर्गन ,
संध्या सारथी – बर्ड फिक्रेशन, अर्जुन – सम /विषम नंबर बनाने को मिला था।




