कटघोरा में लगभग विगत 47वर्षों से दुर्गोत्सव मनाया जा रहा है

कटघोरा (शिवशंकर जयसवाल) नगर कटघोरा में लंबे समय से नौ स्थानों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित किया जाता रहा है। लोगो का कहना है कि
नगर में सर्वप्रथम पुरानी बस्ती ब्राह्मण मोहल्ला में 1979 सन 47 वर्षों से ,तहसील भाटा में 1980 सन
तहसील भाटा में 46 वर्षों से बाजार मोहल्ला में 1982 सन से 44वर्षों से फिर धीरे धीरे अधिकांश वार्डों में दुर्गा प्रतिमा स्थापित किया जाने लगा।
दुर्गोत्सव में उस
समय भजन कीर्तन एवं छत्तीसगढ़ी नाचा कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है और धीरे-धीरे आर्केस्ट्रा एवं भजन संध्या में कार्यक्रम होने लगा है ।
नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा कार्यक्रम में रावण प्रतिमा का पुतला दहन भी पुरानी बस्ती से शुरू हुआ।
उस समय ठाकुर दइया अर्थात मुरली मेट्रो के पास मेन रोड में रावण पुतला दहन किया जाता रहा।बुजुर्गों ने चर्चा के दौरान बताया कि लगभग 1975 – 76 की बात है। रावण दहन के बाद सभी लोग अपने अपने घरों में वापस आने के बाद आंगन में पूजा अर्चना किया जाता रहा फिर एक दूसरे के घरों में जाकर सोनी पत्ता दिया जाता रहा उसके बदले पैसे या नारियल देकर सह सम्मान बिदा किया जाता रहा। परंतु अब समय के हिसाब से तेजी से परिवर्तन हो गया।




