सांढामार बांध के पास 50-60 पेड़ों की कटाई का आरोप, ग्रामीणों ने वन विभाग से की तत्काल कार्रवाई की मांग
पसान क्षेत्र में सरई, सागौन सहित अन्य पेड़ों की अवैध कटाई का मामला, 3 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

पसान/कोरबा(सत्यम जायसवाल) वन परिक्षेत्र पसान के अंतर्गत ग्राम करी-सांढामार क्षेत्र में पेड़ों की कथित अवैध कटाई और बिक्री को लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान को लिखित शिकायत सौंपकर सांढामार निवासी रायसिंह और उनके सहयोगियों के विरुद्ध जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सरई (साल), सागौन, नीलगिरी, गुंजा और सलेहा सहित अन्य पेड़ों की कटाई का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में कई वर्षों से पेड़ों की अवैध कटाई और बिक्री का सिलसिला चलने की जानकारी सामने आती रही है। इसी क्रम में ग्रामीणों को 19 अगस्त 2026 को सांढामार बांध के पास पेड़ों की कटाई की सूचना मिली। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर लगभग 50 से 60 पेड़ काटे जा चुके थे, जिनकी औसत आयु करीब 50 से 60 वर्ष बताई गई है।

शिकायत के मुताबिक, मशीन की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां ग्राम करी निवासी बुधवार सिंह और सांढामार निवासी कैलाश को कथित रूप से कटाई करते हुए देखा गया। ग्रामीणों द्वारा पूछताछ करने पर दोनों ने कथित तौर पर रायसिंह के लिए मजदूरी पर पेड़ काटने की बात कही। वन विभाग को फोन से सूचना देने के दौरान संबंधित व्यक्ति मौके से चले गए।
ग्रामीणों ने आगे बताया कि मौके पर दो ट्रक से अधिक लकड़ी मौजूद होने का अनुमान था। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को बीट गार्ड, डिप्टी रेंजर, वन परिक्षेत्र अधिकारी और ग्रामीणों की उपस्थिति में मौका मुआयना कर जांच प्रतिवेदन एवं पंचनामा तैयार किया गया।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि यदि तीन दिवस के भीतर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
वन विभाग से जल्द कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों की शिकायत और पंचनामा के आधार पर वन विभाग द्वारा मामले की जांच आगे बढ़ाकर नियमानुसार जल्द कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग की ओर से कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि, आरोपों पर संबंधित पक्ष का बयान और अंतिम जांच निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए पेड़ों की कटाई एवं बिक्री से जुड़े आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।




